मेरठ के सोहराब गेट बस अड्डे की बदलेगी सूरत: हाईटेक बिल्डिंग में AC वेटिंग हॉल से लेकर होटल-ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं
मेरठ का सोहराब गेट बस अड्डा पीपीपी मॉडल पर आधुनिक सुविधाओं से लैस बहुमंजिला भवन में तब्दील होगा, जिसमें होटल, ...और पढ़ें

भविष्य में कुछ ऐसा दिखेगा मेरठ का सोहराब गेट बस अड्डा। सौ. कंपनी
HighLights
सोहराब गेट बस अड्डे का होगा पीपीपी मॉडल पर कायापलट।
इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग पॉइंट और 30 प्लेटफार्म बनेंगे।
100 से अधिक दुकानों का भी होगा निर्माण।
आनंद प्रकाश, मेरठ। अभी तक सामान्य दिखाई देने वाला और समस्याओं से घिरा रहने वाले सोहराब गेट बस अड्डे की कायापलट हो जाएगी। दो साल के अंदर यहां बहुमंजिला आलीशान भवन नजर आएगा, जिसमें होटल, बैंक्वेटहाल, आडिटोरियम, क्लब हाउस भी होगा। अड्डे पर इलेक्ट्रिक बसों चार्जिंग प्वाइंट से लेकर बसें खड़ी करने को आधुनिक प्लेटफार्म बनेंगे। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए वातानुकूलित वेटिंग हाल और कैंटीन होगी।
यह कोई सपना नहीं, बल्कि पीपीपी माडल पर बनने जा रहे सोहराब गेट माडर्न बस अड्डे का डिजाइन है। अड्डे का निर्माण कराने वाली कंपनी ने इसका मानचित्र मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) से स्वीकृत करा लिया है। जैसे ही बस अड्डा हापुड़ रोड पर शिफ्ट होगा, उसके बाद ही माडर्न बस अड्डे का निर्माण आरंभ हो जाएगा।
माडर्न सोहराब गेट बस अड्डे का निर्माण कुन्तारी बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी करेगी।पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) माडल पर बस अड्डा निर्माण के लिए कंपनी को जमीन 90 साल की लीज पर दी है। निर्माण आरंभ होने से पहले कई विभागों के अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) भी प्राप्त कर ली गई है।
इसी के चलते उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने एक सप्ताह पहले ही स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि माडर्न बस अड्डे का निर्माण आरंभ कराने के लिए सोहराब गेट अड्डे को शीघ्रता से शिफ्ट किया जाए। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि हापुड़ रोड पर लोहियानगर में अस्थायी बस अड्डा तैयार हो रहा है, जल्दी ही बसों का संचालन शिफ्ट कर दिया जाएगा।
कंपनी करेगी बस अड्डे का मेंटेनेंस
माडर्न बस अड्डे का भवन बहुमंजिला होगा। इसमें होटल, बैंक्वेट हाल, आडिटोरियम, क्लब हाउस, 100 दुकानें बनेंगी। इनसे प्राप्त होने वाले किराया में से ही धनराशि खर्च कर बस अड्डे का मेंटेनेंस भी 90 साल तक करने की जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
बसों के लिए ये रहेगी व्यवस्था
बसें खड़ी करने के लिए 30 प्लेटफार्म बनाए जाएंगे, यहां तक यात्रियों के पहुंचने को आसान पहुंच मार्ग होगा। इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। वेटिंग हाल वातानुकूलित होगा। साफ-सुथरी कैंटीन की व्यवस्था रहेगी।
अभी ये है हाल
फिलहाल सोहराब गेट बस अड्डा गढ़ रोड पर है, यहां से निगम की 205 और अनुबंधित 51 बसें संचालित की जाती हैं। लगभग 300 से ज्यादा बसें दूसरे डिपो और अन्य राज्यों की भी इसी अड्डे से सवारियां लेती हैं। अड्डे के परिसर में जलभराव रहता है और शेड भी जर्जर हो चुके हैं। कई जगह से चहारदीवारी क्षतिग्रस्त होने के बाद बनवाई नहीं गई। शौचालय भी बदहाल हैं। बसें सड़क पर खड़ी कर सवारियां बैठाई जाती हैं, इस कारण यातायात व्यवस्था भी बाधित रहती है।
इन्होंने कहा...
राज्य सरकार ने परिवहन सेवा को बेहतर बनाने के लिए माडर्न सोहराब गेट बस अड्डा बनवाने का निर्णय लिया है। निर्माण के संंबंध में सभी प्रकार की एनओसी कंपनी ने प्राप्त कर ली हैं। अड्डे से बसों का संचालन शिफ्ट होते ही, निर्माण कार्य आरंभ कराया जाएगा।
-अश्वनी कुमार धवन, डायरेक्टर, कुन्तारी बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड
