मेरठ, जेएनएन। प्रवासी छात्रों व कामगारों को अब किफायती दर पर किराये पर मकान मिल सकेगा। भारत सरकार के आत्म निर्भर भारत अभियान के अंतर्गत दो मॉडल पर मकान दिए जाएंगे। पहला सरकारी क्षेत्र के संस्थान जैसे एमडीए, नगर निगम व डूडा शहर में खाली मकानों को चिह्नित करेगा और शासन को अवगत कराएगा। दूसरे मॉडल के तहत बिल्डर-पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत मकान बनवाकर किराए पर दिए जाएंगे।

शनिवार को इस मुद्दे पर एमडीए में बैठक हुई। बिल्डर्स को बताया गया कि यदि इस योजना के तहत मकान बनाते हैं तो उन्हें 50 फीसद एफएआर में छूट, जीएसटी में छूट समेत कई रियायतें मिलेंगी। अशोक गर्ग, अतुल गुप्ता, कमल ठाकुर, अजय गुप्ता, उत्कर्ष जैन आदि बिल्डर्स मौजूद रहे। कमल ठाकुर ने बताया कि दो दिन में एमडीए को सुझाव देंगे। नगर निगम व डूडा के भी प्रतिनिधि शामिल रहे। वीसी राजेश पांडेय ने बताया सुझावों के बाद इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। फिलहाल एमडीए ने अपनी योजनाओं के 300 मकान चिह्नित किए हैं। मांगी निर्माण शुरू करने की छूट

बिल्डर्स ने मांग रखी कि जिस तरह से उद्योगों व सड़क आदि के लिए अनुमति मिली है, उसी तरह से आवासीय योजना के मकानों के निर्माण की छूट दी जाए। इससे सिर्फ वही प्रोजेक्ट शुरू हो सकेंगे, जिनको समय से पूरा करना जरूरी है। परिषद के अध्यक्ष ने वितरित किए पैकेट

मेरठ: उप्र श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष पंडित सुनील भराला शनिवार को एनएच-58 पर ग्रांड फाइव स्थित प्रवासी श्रमिकों के कैंप पर पहुंचे। उन्होंने श्रमिकों के बीच पहुंचकर विभिन्न जिलों के 16 बसों में सवारों को भोजन के पैकेट, पानी की बोतल एवं बिस्कुट के पैकेट वितरित किये। इनमें मुख्य रूप से सीतापुर, बरेली, शाहजहांपुर, मिर्जापुर आदि जिलों के श्रमिक शामिल रहे। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व सुभाष चंद्र प्रजापति, रोडवेज के अधिकारी एवं चिकित्सक भी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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