एसआईआर को लेकर अखिलेश यादव पर जयन्त चौधरी का हमला... बोले-क्या चुनाव नहीं लड़ना चाहते
केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि एसआईआर को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। यह चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है और सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए। अखिलेश यादव के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जनता ने पहले भी रिकॉर्ड मतदान किया है। उन्होंने एसआईआर को मुद्दा बनाकर भ्रम न फैलाने की अपील की और कहा कि 2027 के चुनाव पर समय आने पर सब स्पष्ट हो जाएगा।

मेरठ कैलाश प्रकाश स्टेडियम में स्पोर्टस एज के शुभारंभ अवसर पर सम्बोधित करते कौशल विकास केंद्रीय राज्य मंत्री जयन्त चौधरी। जागरण
जागरण संवाददाता, मेरठ। केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमिता केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयन्त चौधरी ने उप्र में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का जोरदार समर्थन करते हुए सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। पूछा कि क्या वे चुनाव लड़ना ही नहीं चाहते।
बिहार विस चुनाव से पहले भी एसआईआर को लेकर तरह-तरह का भ्रम फैलाया गया, पर मतदाताओं ने रिकार्ड मतदान कर यह साबित कर दिया कि इस प्रक्रिया से किसी को नुकसान नहीं होता। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनिवार्य है। एसआइआर को लेकर किसी को डरने या भ्रम फैलाने की जरूरत नहीं है। यह चुनाव आयोग की एक नियमित और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो समय-समय पर संचालित होती रहती है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग इसमें पूरा सहयोग दें।
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में शनिवार को स्पोर्ट्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट फार ग्रोथ एंड एक्सीलेंस का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए जयन्त चौधरी ने उप्र में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कहा, समय आने पर सब सामने आ जाएगा। इससे पहले कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगले कुछ सालों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की खेल तस्वीर बदल जाएगी।
जल्द ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में साईं सेंटर बनेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। इसका सर्वे भी हो चुका है। यह केंद्र मेरठ के आसपास ही बनेगा। स्पोर्ट्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट फार ग्रोथ एंड एक्सीलेंस एक अभियान है जिसमें सरकारी योजनाओं, खिलाड़ियों, तकनीकी शिक्षा को एक साथ जोड़ना है। इसी दिशा में देशभर में 1,000 आईटीआई संस्थाओं को चिन्हित किया गया है जहां अतिरिक्त स्थान मौजूद हैं, वहां खिलाड़ियों के लिए कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम और प्रशिक्षण शुरू होंगे। इसके लिए मेरठ में साकेत स्थित आईटीआई को हब बनाया गया है। इस हब से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिले जोड़े जाएंगे।
जयन्त चौधरी ने कहा कि मेरठ के खेल उद्योग में इतना सामर्थ है कि 2035 तक यहां 40 हजार करोड़ का उत्पाद तैयार किया जा सकता है। हमें इस लक्ष्य को पाना होगा। 2047 तक देश में 50 लाख करोड़ तक के खेल उत्पाद तैयार करने होंगे। इसमें तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा और भारत की अर्थव्यवस्था में दो प्रतिशत का योगदान खेल उद्योग से होगा।

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