मेरठ। मेरठ छावनी स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान में आज प्रमाणित पशुधन सलाहकार कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पन्द्रह दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए पंद्रह अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आध्रप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, मेघालय, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिमी बंगाल से एक-एक और उत्तरप्रदेश व उत्तराखंड से तीन - तीन अधिकारी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण के बाद यह सभी अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देंगे और पशुपालन में उद्यमिता का विकास करेंगे। पशुपालन को उद्योग के रूप में बहुत से नौजवान किसान अपनाना तो चाहते हैं मगर मार्गदर्शन के अभाव में इस कार्य में अड़चनें आती है। इस संस्थान से प्रशिक्षित होने के बाद यह सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नौजवानों को पशुपालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने में मदद करेंगे। इस कार्यक्रम का समापन 25 सितम्बर को किया जाएगा। इस कार्यक्रम के निदेशक डॉ संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि पन्द्रह दिनों के इस कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों को राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल का भी भ्रमण कराया जाएगा तथा अरनावली के किसान उद्यमी विनोद भारती के भारती मिल्क स्प्लैश और नंगली ईशा के किसान उद्यमी साराश सिंघल के शुद्धम डेरी फार्म का भी भ्रमण कराया जाएगा। इस कार्यक्रम के आयोजन में डॉ सिद्धार्थ साहा और डॉ योगेश सोनी का विशेष सहयोग रहा। इस प्रशिक्षण से नौजवानों को पशुपालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने में मदद मिलेगी। साथ ही वे पशुपालन व्यवसाय से जुड़ी बारीकियों को भी समझ सकेंगे।

Posted By: Jagran