बागपत, जागरण संवाददाता। Shooter Dadi महाभारत कालीन बागपत की धरा पर अंतरराष्ट्रीय शूटर चंद्रो तोमर और प्रकाशो तोमर के बाद एक और सीनियर सिटीजन महिला रेखा ढाका ने धूम मचा डाली। मात्र चार माह के अपने शूटिंग के सफर में एयर पिस्टल से निशाना साधकर पांच गोल्ड मेडल झटक डाले। इस उपलब्धि पर उनको डीएम राजकमल यादव ने सम्मानित किया।

ऐसे शुरू किया अभ्‍यास

कस्बा बड़ौत निकट नई सब्जी मंडी निवासी सेवानिवृत्त कैंप्टन किशन सिंह ढाका की पत्नी 66 वर्षीय रेखा ढाका बताती है कि उनके दो पोत्र 16 वर्षीय जयंत ढाका और 12 वर्षीय अर्जुन ढाका कस्बे की एक शूटिंग रेंज में अभ्यास करने जाते हैं। वह प्रतिदिन अपने पोतों को शूटिंग रेंज में छोड़ने व लेने जाती थी। उनके द्वारा भी चार माह पूर्व रेंज में कभी-कभी निशाना लगाना शुरू किया गया। धीरे-धीरे घर पर आकर अभ्यास करना शुरू कर दिया था।

इन प्रतियोगिताओं में हासिल किए मेडल

अगस्त माह में बागपत के ग्राम जौहड़ी व मेरठ के ग्राम कलीना में जिला स्तर पर हुई शूटिंग प्रतियोगिता में 10 मीटर एयर पिस्टल में भाग लेकर गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इससे उनका हौसला बढ़ा। चार अक्टूबर को दादरी में हुई प्री स्टेट व 31 अक्टूबर को लखनऊ में हुई यूपी स्टेट प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीते। 

बागपत को हो रहा गर्व महसूस

इसी तरह मेरठ में इंडियन शूटिंग रेंज में 10 से 15 अक्टूबर तक चली ओपन निशानेबाजी प्रतियोगिता में भी गोल्ड मेडल प्राप्त किया। उनकी इस कामयाबी पर बागपत गर्व महसूस कर रहा है। शुक्रवार को कलक्ट्रेट में डीएम राजकमल यादव ने उनको सम्मानित किया। इस दौरान कोच डाक्टर राजपाल सिंह भी मौजूद रहे।

विदेशों में बागपत का नाम रोशन करना चाहती है रेखा

बागपत में शूटर रेखा ढाका का कहना है कि उनका इरादा विदेशों में शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लेकर बागपत का नाम रोशन करना है। 

चंद्रो तोमर और प्रकाशो तोमर

गौरतलब है कि बागपत की अंतरराष्ट्रीय शूटर चंद्रो तोमर और प्रकाशो तोमर ने शूटिंग प्रतियोगिता में बड़ा नाम कमाया। साधारण से गांव जौहड़ी में शूटर दादी चंद्रो तोमर ने संघर्ष की गाथा लिखी थी। बढ़ती उम्र में दादी ने बंदूक थामी और शूटिंग प्रतियोगिताओं में अचूक निशाने लगाकर जमाने को अपनी काबिलियत दिखाई। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शूटर दादी के नाम पर नोएडा शूटिंग रेंज का नाम रखने की घोषणा की थी। मूलरूप से शामली के गांव मखमूलपुर में शूटर दादी चंद्रो तोमर का जन्म एक जनवरी 1932 को हुआ था। उनका विवाह गांव जौहड़ी के भंवर सिंह से हुआ था। उनके दो पुत्र ओमवीर व विनोद हैं। वर्ष 1998 में गांव के डा. राजपाल सिंह से शूटिंग सीखने पौत्री शैफाली के साथ दादी चंद्रो तोमर भी जाती थीं। इसी दौरान दादी ने भी निशानेबाजी शुरू की। देवरानी प्रकाशी तोमर का भी उन्हें साथ मिल गया।

Edited By: Prem Dutt Bhatt