मेरठ, जागरण संवाददाता। जिला नगरीय विकास अभिकरण में तैनात आउटसोर्स कंपनी के 15 अवर अभियंताओं को हटा दिया गया है। इनमें से सात अभियंताओं के पास इंजीनियरिंग की जरूरी डिग्री या ड‍िप्‍ लोमा नहीं था। वे बिना डिग्री के काम कर रहे थे। 

ऐसे हुआ पर्दाफाश 

आउटसोर्स कंपनी के अवर अभियंताओं को लेकर सूडा निदेशक यशु रुस्तगी के निर्देश पर  डूडा के परियोजना अधिकारी ने जांच कराई। इस जांच के बारे में डूडा के पीओ चंद्रभूषण वर्मा ने बताया कि वेबकास्ट कंपनी के अवर अभियंताओं की जांच में सात के पास इंजीनियरिंग की जरूरी डिग्री या डिप्लोमा तक नहीं था। उनके पास सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा होना चाहिए था। इनकी सूडा में शिकायत हुई थी। जिसके बाद सूडा निदेशक ने जांच करने के निर्देश दिए थे। 

आठ अवर अभियंताओं पर लापरवाही के कारण हुई कार्रवाई 

परियोजना अधिकारी डूडा चंद्रभूषण वर्मा ने बताया कि इनके अलावा आठ अवर अभियंताओं का काम लापरवाही भरा था। जिसकी रिपोर्ट सूडा मुख्यालय को भेजी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के डीपीआर बनाने व जियो टैगिंग का कार्य देखने के लिए इन्‍हें रखा गया था। इनकी तैनाती सूडा से चयनिक आउटसोर्स कंपनी के जरिए हुई थी। डूडा में कुल 34 अवर अभियंता तैनात किए गए थे। जिसमें से अब 19 बचे हैं। सभी को हिदायत दी गई है कि किसी भी तरह की शिकायत कार्य में मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

'अगर कोई मांगे पैसा तो दें जानकारी'

परियोजना अधिकारी डूडा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित किसी भी कार्य के लिए अगर डूडा से संबंधित कोई कर्मचारी पैसा मांगता है तो उसे टेप  या फिर कार्यालय में आकर शिकायत करें। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दबंगों से परेशान पर‍िवार ने दी पलायन की चेतावनी 

मेरठ, जागरण संवाददाता। नंगला जमालपुर गांव में दबंगो से परेशान व पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई न किये जाने के विरोध में पीड़ित परिवार ने पलायन की चेतावनी दी है। पीड़ित परिवार मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाकर धरने पर बैठ गया है। गुरुवार देर रात आरोपितों ने पीड़ित परिवार के एक युवक के साथ मारपीट की थी और उसे घायल कर दिया था। 

Edited By: Taruna Tayal