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मदनी को कहा-बीमार मौलाना!...चार मिनट 18 सेकेंड के वीडियो में संगीत सोम ने लगाए मौलाना मदनी पर गंभीर आरोप

By Shubham Gupta Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 02 Dec 2025 03:34 PM (IST)

भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने मौलाना महमूद मदनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें 'बीमार मौलाना' बताया। उन्होंने ...और पढ़ें

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में मौलाना मदनी पर टिप्पणी करते भाजपा के भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम। वीडियो ग्रैब

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में मौलाना मदनी पर टिप्पणी करते भाजपा के भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम। वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. संगीत सोम ने मदनी को 'बीमार मौलाना' कहा

  2. संगीत सोम की मदरसों को बंद करने की मांग

  3. संविधान और शरिया कानून पर टिप्पणी की

जागरण संवाददाता, सरधना (मेरठ)। जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी द्वारा हाल ही में भोपाल में जमीयत की बैठक में दिए गए बयान पर भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे चार मिनट 18 सेकेंड के वीडियो में उन्होंने मौलाना मदनी को बीमार करार दिया। कहा कि उनकी (मदनी) की मानसिकता ही बीमार है। यह सविधान की बात करते हैं, लेकिन चार पत्नी रखकर 21 बच्चों को पैदा कर संविधान भूल जाते हैं। उस समय केवल शरिया कानून याद रहता है। देश में जब-जब आतंक होता है, उसे मदनी सही ठहराते हैं।

आरोप लगाया कि इन जैसे लोगों ने देश को बर्बाद कर दिया है। पूरे विश्व में मुस्लिम भारत में सुरक्षित हैं, लेकिन ये गुणगान पाकिस्तान का करते हैं। मदरसे बंद हों। मदरसों से डाक्टर और इंजीनियर नहीं, बल्कि आतंकी निकलते है। पहले लव जिहाद चला, अब थूक व वोट जिहाद चल रहा है, जिसे मौलाना जैसे लोग सही ठहराते हैं। कहा कि एक दिन देश के सनातनी सड़कों पर उतरकर मारते हुए इन्हें पाकिस्तान तक छोड़कर आएंगे, क्योंकि सनातनी परेशान हो गए हैं।

यह कहा मदनी ने
लव जिहाद, लैंड जिहाद, तालीम जिहाद और थूक जिहाद जैसे जुमले इस्तेमाल कर मुसलमानों को गहरी ठेस पहुंचती है और उनके धर्म का अपमान होता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और मीडिया में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने में कोई शर्म महसूस नहीं करते। न ही उन्हें पूरे समुदाय को ठेस पहुंचाने की परवाह है। ये तो पुराने दौर से चला आ रहा है। कहीं पर कोई आतंकवादी घटना हो जाती है तो उसे जिहाद बता दिया जाता है। मुसलमानों के ऊपर गलत आरोप लगाए जाते हैं। जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा।