मेरठ, जेएनएन। बिजली बंबा बाईपास स्थित सुपरटेक पामग्रीन सोसाइटी की नवनिर्वाचित आरडब्ल्यूए और डेवलपर कंपनी के मैनेजर के बीच एक बार फिर विवाद गहरा गया है। सोसाइटी के गेट पर दुकान के अतिक्रमण से दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। आरडब्ल्यूए दुकान के विरोध में है। बात इतनी बढ़ी की मामला ब्रह्मपुरी थाने तक पहुंचा। इसको लेकर मंगलवार को आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता कर सुपरटेक कंपनी के जिम्मेदारों पर उनके कामों पर रुकावट उत्पन्न करने के आरोप लगाए।

आरडब्ल्यूए (रेजिडेट वेलफेयर एसोसिएशन) अध्यक्ष रमन जौली ने कहा कि कुछ दिन पहले सोसाइटी के लोगों ने उनसे गेट नंबर एक पर सब्जी दुकानदार द्वारा अतिक्रमण की शिकायत की थी। इस पर वह अन्य पदाधिकारियों के साथ दुकानदार के पास पहुंचे। आरोप है कि उसने सुपरटेक कंपनी के अनुरक्षण मैनेजर हरवीर सिंह द्वारा 25 हजार एडवांस व 10 हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर दुकान बनाने की स्वीकृति देने की बात कही। जिस जगह पर अतिक्रमण किया जा रहा था वह नगर निगम की भूमि बताई जा रही है। इस पर आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने कंपनी के मैनेजर से संपर्क किया। दोनों पक्ष के बीच कहासुनी हो गई। अध्यक्ष का कहना है कि घटना 15 जनवरी की है। मैनेजर ने उन पर पिस्टल तानने व अन्य पर लूटपाट का आरोप लगाया था, जबकि आचार संहिता लागू होने के कारण उन्होंने 12 जनवरी को ही असलहा जमा करा दिया था। आरडब्ल्यूए को काम करने से रोकने के लिए इस तरह उन पर दवाब बनाया जा रहा है। इस दौरान उपाध्यक्ष रवि नंदन गर्ग, सुशील खेतरपाल, पूजा जैन आदि मौजूद रहे।

मेटेनेंस शुल्क वसूलने के लिए कंपनी बना रही दवाब

अध्यक्ष रमन जौली का आरोप है कि डेवलपर कंपनी कई सालों से सोसाइटी से मोटा मेटेनेंस वसूल रही है, जबकि मेटेनेंस के नाम पर कोई कार्य अब तक नहीं कराया। सोसाइटी की लिफ्ट से लेकर बिल्डिंग को मरम्मत की जरूरत है। वहीं मैनेजर का आठ सालों से स्थानांतरण नहीं हुआ, जोकि रियल एस्टेट कानून के खिलाफ है। इतनी बड़ी सोसाइटी में सिर्फ चार से पांच सुरक्षा कर्मी है, जबकि 25 कर्मियों का वादा था।

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अनाधिकृत है आरडब्ल्यूए : हरबीर

सुपरटेक सोसाइटी के मैनेजर हरवीर सिंह का कहना है कि यह आरडब्ल्यूए अनाधिकृत है, क्योंकि पहले गठित आरडब्लूए ने कोर्ट में इनके खिलाफ अपील कर रखी है। जिसका अभी तक निर्णय नही आया है। कंपनी की ओर से भी इन्हें सोसाइटी हैंडओवर नहीं की गई है। ऐसे में इनका कार्य करना गलत है। मनमाने ढंग से काम के लिए दवाब बनाया जा रहा है।

Edited By: Jagran