RSS: संपूर्ण उप्र और उत्तराखंड को मिलाकर बनेगा एक क्षेत्र, मेरठ संभाग से अलग होगा मुरादाबाद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर एक नया 'उप्र क्षेत्र' बनाने जा रहा है, जिससे प्रांत व्यवस्था ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में लागू होगी नई संगठनात्मक व्यवस्था।
उप्र व उत्तराखंड राज्य की अलग इकाई का भी होगा गठन।
मेरठ व सहारनपुर को मिलाकर बनेगा मेरठ संभाग।
जागरण संवाददाता, मेरठ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में जल्द ही एक नई व्यवस्था लागू होने वाली है। अब पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर एक क्षेत्र बनेगा, जिसे उप्र क्षेत्र के नाम से जाना जाएगा। यानी दो राज्यों को मिलाकर एक क्षेत्र बनेगा।
इसके साथ ही प्रांत व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। प्रशासनिक तालमेल में समस्या को देखते हुए अब दो-दो कमिश्नरी मिलाकर संभाग गठित किया जाएगा। इंदौर में प्रस्तावित बैठक में इस पर निर्णय लेने के बाद बरेली में संभाग गठन की 15 नवंबर को घोषणा होगी।
गौरतलब है कि इसी साल मार्च में हरियाणा के समालखा में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में इसका प्रारूप तय हो गया था। पूरे देश में वर्तमान में 11 क्षेत्र हैं जिसे सिर्फ घटाकर नौ क्षेत्र किए जाएंगे।
वर्तमान में उप्र व उत्तराखंड को मिलाकर दो क्षेत्र
वर्तमान में उप्र व उत्तराखंड को मिलाकर दो क्षेत्र हैं। पहला क्षेत्र है पूर्वी उप्र, जिसका कार्यालय लखनऊ है। वहीं दूसरा क्षेत्र है पश्चिमी उप्र, जिसका कार्यालय मेरठ में है। पश्चिमी उप्र क्षेत्र में ही उत्तराखंड राज्य शामिल है।
अब नई व्यवस्था के तहत पूरा उप्र व पूरा उत्तराखंड राज्य मिलाकर उप्र के नाम के नया क्षेत्र बनेगा। वर्तमान में सभी क्षेत्रों को प्रांत में बांटा जाता है लेकिन नई व्यवस्था के तहत प्रांत व्यवस्था को समाप्त कर दिया जाएगा। अब प्रांत का क्षेत्रफल छोटा करके संभाग बनाए जाएंगे।
पूरे देश में वर्तमान में 46 प्रांत
पूरे देश में वर्तमान में 46 प्रांत हैं। मेरठ के नाम से एक प्रांत भी है, जिसमें मेरठ, सहारनपुर व मुरादाबाद मंडल के जिले शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रांत समाप्त हो जाएंगे और संभाग का गठन होगा। प्रांत का आकार छोटा करके संभाग बनेंगे।
मेरठ व सहारनपुर को मिलाकर बनेगा मेरठ संभाग
मेरठ व सहारनपुर को मिलाकर मेरठ संभाग बनेगा। वहीं मेरठ से मुरादाबाद को अलग करके बरेली के साथ जोड़ दिया जाएगा, जिससे बरेली संभाग का गठन होगा। इस तरह से पूरे देश में 85 संभाग हो जाएंगे। उप्र व उत्तराखंड को मिलाकर वर्तमान में सात प्रांत हैं, जिसमें से छह उप्र में हैं, पूरे उत्तराखंड राज्य को संघ की प्रणाली में प्रांत संबोधित किया जाता है।
प्रांत व्यवस्था समाप्त होने पर इन दोनों राज्यों को मिलाकर 12 संभाग हो जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत उत्तराखंड व उप्र की अलग-अलग राज्य इकाई भी बनेगी।
