अमित तिवारी, मेरठ। नवंबर-2004 में ओलिंपियन मिल्खा सिंह ने मेरठ छावनी स्थित दीवान पब्लिक स्कूल में युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा था कि 'आप बनो दूसरे मिल्खा'। 400 मीटर में उनका रिकार्ड टूटता देख उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा था। उनके आह्वान का असर अब नई पीढ़ी के एथलीट्स में देखने को मिल रहा है। 400 मीटर स्पर्धा की राष्ट्रीय रैंकिंग में पहली बार मेरठ से कोई एथलीट टाप-10 में स्थान बनाने में सफल हुआ है। मेरठ की धावक पारुल चौधरी ने 12 अक्टूबर को दिल्ली में हुए 400 मीटर की नेशनल चैंपियनशिप में 53.73 सेकेंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही देश में छठी रैंक हासिल कर ली है।

यह भी जानिए

अंडर-20 के नए ग्रुप में टाप-3 में शामिल एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया की वर्ष 2021 की 400 मीटर बालिका टाप-10 रैंकिंग में शामिल एथलीट्स में छह-सात सीनियर वर्ग की एथलीट हैं। 2003-04 में जन्मी एथलीट्स ही इस साल के अंडर-20 आयु वर्ग में शामिल होंगी। इसमें टाप-10 में तीन एथलीट्स हैं। इनमें कर्नाटक की प्रिया एच. मोहन, सम्मी और रूपल तीसरे स्थान पर हैं। इस साल अंडर-20 आयु वर्ग की नेशनल टीमों में रूपल ने अपना स्थान पक्का कर लिया है। अगले साल की व‌र्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स आदि के लिए अंडर-20 की चार गुणे सौ मीटर की रिले टीम के लिए रूपल प्रबल दावेदार होंगी। नेशनल कैंप में भी रूपल को शामिल किया जाएगा।

नहीं जा सकीं नैरोबी

घुटने में चोट के कारण रूपल केन्या के नैरोबी में हुई एथलेटिक्स की व‌र्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। उस प्रतियोगिता में कर्नाटक की एथलीट प्रिया 52.77 सेकेंड में 400 मीटर की दौड़ पूरी कर चौथे स्थान पर रही थीं। रूपल में नेशनल चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय फलक पर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। अंतरराष्ट्रीय एथलीट व कोच विशाल सक्सेना के मार्गदर्शन में रूपल पिछली कुछ प्रतियोगिताओं में लगातार अपने प्रदर्शन को सुधारते हुए आगे बढ़ी हैं।

इनका कहना है

400 मीटर में नेशनल रैंकिंग में छठा स्थान पाने वाली रूपल पहली एथलीट हैं। अन्य खेलों में तो मेरठ के खिलाड़ी पहुंचे लेकिन इस इवेंट में पहली बार मेरठ का नाम टाप-10 में पहुंचा है। आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रूपल की दावेदारी रहेगी और उनसे बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद भी है।

- अनु कुमार, सचिव, जिला एथलेटिक्स संघ, मेरठ