मेरठ । दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के परतापुर इंटरचेंज पर फ्लाईओवर निर्माण में आ रही रुकावट दूर हो गई है। दिल्ली में मंगलवार को हुई बैठक में एनएचएआइ के अधिकारियों ने संशोधित डिजाइन पर मुहर लगा दी। नए डिजाइन के तहत अब एनएचएआइ को और पांच हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण नहीं करना पड़ेगा। मौजूदा समय में उपलब्ध भूमि पर ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अब संशोधित डिजाइन के अनुसार परतापुर चौकी से सीधे फ्लाईओवर जाएगा जो रेल ओवर ब्रिज को कनेक्ट करेगा।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के इंटरचेंज के जरिए मेरठ शहर से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने के लिए पहले रैंप बनाकर उसे रेल ओवरब्रिज से कनेक्ट करना था। इसके लिए और भूमि की आवश्यकता पड़ रही थी। मौजूदा समय में अगर अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाती तो कम से कम तीन माह के लिए प्रोजेक्ट में बाधा उत्पन्न हो सकती थी। लिहाजा एनएचएआइ ने डिजाइन में संशोधन किया।

रुका हुआ था निर्माण कार्य

डिजाइन को मंजूरी न मिल पाने की वजह से परतापुर चौकी से प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज को कनेक्ट करने वाले फ्लाईओवर का निर्माण कार्य रुका हुआ था। एनएचएआइ के पैकेज-4 के परियोजना निदेशक किशोर कान्याल ने बताया कि मंगलवार को हुई बैठक में टीम लीडर को संशोधित डिजाइन के अनुरूप काम करने को कह दिया गया है। संभवत: बुधवार-गुरुवार से इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा।

बांधे गए पिलर, गार्डर भी हो रहे तैयार

भूड़बराल में इंटरचेंज के लिए खड़े किए गए पिलर की कैपिंग यानि उन्हें बांधने का काम किया गया। इन चारों पीलर को बांधने के बाद अब गार्डर रखा जाएगा। इस काम के लिए उत्तरदायी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गार्डर तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया है।

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