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उपलब्धि: सेना में नायब सूबेदार बनने वाली UP की पहली महिला एथलीट बनीं मेरठ की बेटी रूपल चौधरी

By Amit Tiwari Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 17 Sep 2026 06:02 PM (IST)

Meerut News: मेरठ निवासी अंतरराष्ट्रीय धाविका रूपल चौधरी भारतीय सेना में नायब सूबेदार बनी हैं। वह उत्तर प्रदेश की पहली ...और पढ़ें

रूपल चौधरी

रूपल चौधरी

HighLights

  1. मेरठ की अंतरराष्ट्रीय धाविका रूपल चौधरी भारतीय सेना में नायब सूबेदार।

  2. जूनियर विश्व और एशियन चैंपियनशिप के पदकों के आधार पर मिली सीधी नियुक्ति 

जागरण संवाददाता, मेरठ। अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी मेरठ की धाविका रूपल चौधरी ने खेल के साथ भारतीय सेना में नई पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के आधार पर उन्हें भारतीय सेना में सीधे नायब सूबेदार के पद पर नियुक्त किया गया है। वह सेना में शामिल होने वाली प्रदेश की पहली महिला एथलीट हैं। रूपल को काेर आफ मिलिट्री पुलिस (सीएमपी) यानी सेना पुलिस में शामिल किया गया है। उनकी नियुक्ति पिछले वर्ष जून में हुई थी।

रूपल ने बताया कि आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट पुणे के चीफ कोच यूनुस खान ने उनसे संपर्क कर सेना में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। यूनुस खान मूल रूप से मुरादाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने रूपल को बताया कि सेना अब महिला खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर सहयोग कर रही है। इसके बाद तत्कालीन कमांडेंट देवराज गिल से उनकी बात कराई गई।

पिता पहले नहीं थे तैयार, रिश्तेदार ने किया मार्गदर्शन

रूपल के पिता ओमबीर सिंह शुरुआत में रूपल को सेना में भेजने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने रूपल से कहा कि पहले कबड्डी से जुड़े अपने रिश्तेदार और कोच जसवीर सिंह से बात करें। जसवीर सिंह मेरठ के रहने वाले हैं और यूपी योद्धा से जुड़े कोच भी रह चुके हैं।

उन्होंने रूपल को सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया और अधिकारियों से संपर्क में भी मदद की। पिता की सहमति के बाद रूपल ने सेना में जाने का फैसला किया। रूपल के अनुसार सेना में खेल प्रतिभाओं के लिए पहले की तुलना में काफी बदलाव आया है। विशेष रूप से नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बाद सेना में खेलों को लेकर समर्थन और सुविधाएं बढ़ी हैं।

अंतरराष्ट्रीय पदकों से मिला नायब सूबेदार का पद

रूपल की नियुक्ति का आधार उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां रहीं। उन्होंने जूनियर विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप में पदक जीते हैं। इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर उन्हें सीधे नायब सूबेदार का पद दिया गया। खेल कोटे में सेना की नियुक्ति का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि खिलाड़ी की उपलब्धियों के स्तर के आधार पर पद निर्धारित किया जा सकता है। भविष्य में भी खेल उपलब्धियों के आधार पर पदोन्नति का रास्ता खुला रहेगा।

यह होते हैं सेना में नायब सूबेदार

नायब सूबेदार भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड आफिसर (जेसीओ) स्तर का पद है। यह सामान्य सैनिक पदों से ऊपर और कमीशंड आफिसर रैंक से नीचे की श्रेणी में आता है। जेसीओ सैनिकों और अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं।

तिरुवनंतपुरम में जमैका के कोच से प्रशिक्षण

रूपल इस समय मेरठ स्थित घर पर हैं। यहां से पुन: तिरुवनंतपुरम स्थित राष्ट्रीय कैंप में जमैका के कोच के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण करेंगी। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में वह सर्विसेज का प्रतिनिधित्व करेंगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए खेलेंगी। 400 मीटर की धाविका रूपल की नजर अब चोट से पूरी तरह उबरकर ट्रैक पर वापसी और बड़े अंतरराष्ट्रीय पदकों पर है।