सहारनपुर, जेएनएन। जिले में कोरोना मरीजों के उपचार में आक्सीजन की कमी बाधा नहीं बनेगी। जिला प्रशासन और राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन ने पुराने एक आक्सीजन प्लांट को चलाने का निर्णय लिया है, ताकि मरीजों को आक्सीजन की कमी न पड़े। इसके लिए पूरी तैयारी तीन दिन पहले ही कर ली गई है।

बुधवार को यहां पर तेजी से काम भी शुरू कर दिया गया है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो 15 दिन के अंदर यह आक्सीजन प्लांट शुरू हो जाएगा। वहीं, एक हजार लीटर का एक अन्य आक्सीजन सिलेंडर मेडिकल कालेज में लगाया गया है। शहर के उद्यमियों ने भी एक पुराने प्लांट को चलाने के लिए डीएम से अनुमति मांगी है। बता दें कि आक्सीजन को लेकर हर जिले में हाहाकार मचा हुआ है। हालांकि जिले के कोविड अस्पताल मेडिकल कालेज, फतेहपुर सीएचसी, जिला अस्पताल, वी-ब्रॉस, जगदंबा में आक्सीजन की कमी नहीं है। जिस तरह से कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे है। उससे जिला प्रशासन की चिंता बढ़ी हुई है। जिस कारण आक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया है।

मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. डीएस मार्तोलिया ने बताया कि प्लांट पर काम शुरू कर दिया गया है। 15 दिन के अंदर यह प्लांट चालू हो जाएगा। इसके बाद जिले में आक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। साथ ही मुजफ्फरनगर और शामली जैसे जिलों को भी आक्सीजन दी जा सकेगी। बता दें कि मेडिकल कालेज में वर्तमान में 200 कोरोना के मरीज भर्ती हैं। जिसमें से 50 मरीज आइसीयू में उपचार ले रहे हैं। आइसीयू मरीजों को आक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। जिन्हें पूरी आक्सीजन दी जा रही है। एक हजार लीटर के सिलेंडर से सप्लाई होगी आक्सीजनडीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मेडिकल कालेज में आक्सीजन का एक हजार लीटर का सिलेंडर लगाया गया है। इसी सिलेंडर से मरीजों को आक्सीजन सप्लाई की जाएगी। फिलहाल इस सिलेंडर से 30 मरीजों काे आक्सीजन की सप्लाई की जा रही है।

लगभग 150 सिलेंडर की रोजाना पड़ रही जरूरत

मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. डीएस मार्तोलिया का कहना है कि उनके यहां और अन्य कोविड अस्पतालों में आक्सीजन की भारी डिमांड है। रोजाना 150 सिलेंडरों की जरूरत पड़ रही है। कभी कभी यह आंकड़ा 200 के पार पहुंच जाता है। एक मरीज को देना होता है आक्सीजन लेवल 75 मिलीलीटर प्राचार्य डा. डीएस मार्तोलिया का कहना है कि सामान्य मरीज में आक्सीजन लेवल 75 से 100 मिलीलीटर होता है। यदि यह लेवल 60 मिलीलीटर से कम हो जाता है तो आक्सीजन की जरूरत पड़ती है। जिसके बाद आक्सीजन लेवल सामान्य करने के लिए 75 मिलीलीटर आक्सीजन देना पड़ता है।

 

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