बागपत, जागरण संवाददाता। आम का मौसम शुरू होते ही बागपत के गांव रटौल के बागानों में आम के शौकीनों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। रविवार को भी ऐसा ही हुआ। नूरबाग के निगार फार्म हाउस में डा. मेराजुदीन अहमद ने आम की दावत रखी।

दिल्ली में रह रहे अमेरिका, ब्रिटेन और मलेशिया के नागरिक भी इसका स्‍वाद लेने पहुंचे। उन्‍होंने रटौल के साथ अन्‍य प्रजातियों के आम का भी स्वाद लिया। हालांकि सबसे ज्यादा रटौल प्रजाति के आम की तारीफ की। उन्‍होंने बागानों में घूमकर पैदावार की विस्तृत जानकारी ली। विदेशियों ने गांव का भ्रमण कर भारतीय संस्कृति के बारे में भी जाना। पराग त्रिपाठी, फैज महमूद, एड. बदर महमूद, शीबा सुल्ताना, महबूब अंसारी, जीनत खान व राजू खान आदि का सहयोग रहा।

बागपत से पाकिस्तान पहुंचकर हो गया अनवर रटौल

रटौल प्रजाति को ईजाद करने वाले आफाक फारुख रटौल गांव के थे। देश के बंटवारे के दौरान उनके रिश्तेदार अनवारुल हक रटौल इस आम की पौध पाकिस्तान ले गए थे। इसी कारण पाकिस्तान में यह आम अनवर रटौल के नाम से मशहूर हो गया।

बोले डीएम, रटौल आम को जीआइ टैग मिलने से बढ़ा बागपत का गौरव

बागपत, जागरण संवाददाता। डीएम राजकमल यादव रविवार को रटौल में पूर्व प्रधान जुनैद फरीदी के फार्म पर विख्यात रटौल आम को जीआइ टैग मिलने पर आयोजित आम महोत्सव में पहुंचे। उन्होंने कहा कि रटौल के आम को जीआइ टैग मिलने से न केवल रटौल बल्कि बागपत का गौरव बढ़ा है। दुनिया में रटौल आम के दाम व महत्ता भी बढ़ेगी। फल पट्टी में मिलने वाली सुविधा, प्रदूषण फैला रहे ईंट भट्ठों पर लगाम लगाने का आश्वासन दिया। आम बागान के कटान पर रोक लगाने के साथ नए बागान लगाने के लिए पहल करने के लिए प्रेरित किया। सरकारी जमीन पर पौधरोपण अभियान के तहत आम के पेड़ नहर व नदियों के पास सरकारी जमीन पर आम बागान लगाएंगे। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने आम का स्वाद भी लिया। एग्रीकल्चर, होर्टीकल्चर विभाग पूसा के निदेशक डा. तेजबीर सिंह, पूर्व सिंचाई मंत्री डा. मेहराजूद्दीन अहमद, कृषि वैज्ञानिक सेलेंद्र राजन, राजबीर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी राकेश कुमार, उमर फरीदी, हबीब खान, बदर महमूद आदि मौजूद रहे।

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Edited By: Parveen Vashishta