मेरठ, जेएनएन। रैपिड रेल प्रोजेक्ट के पहले फेज के अंतर्गत तीन कॉरीडोर निर्माणाधीन हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) का अनुमान है कि पहले फेज के जरिए 21000 से अधिक को रोजगार मिलेगा। पहले फेज में दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर हैं, जिसमें 16 स्टेशन हैं। दूसरे कॉरीडोर में दिल्ली-सोनीपत-पानीपत हैं, जिसमें 16 स्टेशन हैं। तीसरे कॉरीडोर में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ हैं, जिसमें 22 स्टेशन शामिल हैं।
स्टाफ की पड़ेगी जरूरत
इन तीनों कॉरीडोर के बनने से बड़ी संख्या में रैपिड रेल से संबंधित स्टाफ रखा जाएगा। इसके साथ उसके समानांतर रोजगार का भी दरवाजा खुलेगा। इनमें रैपिड स्टेशन में दुकानें, स्टेशन के आसपास दुकानें, फीडर बस सेवा, ई-रिक्शा आदि के जरिए भी रोजगार पैदा होगा। ऐसा अनुमान एनसीआरटीसी ने लगाया है। एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने बताया कि रैपिड रेल के लिए जब एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने अध्ययन किया था, तभी 21 हजार को रोजगार मिलने का अनुमान लगाया गया था।
इनका कहना है
कोई भी परियोजना आती है तो वह स्वाभाविक रूप से नौकरी के साथ रोजगार के अवसर भी लाती है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने अनुमान लगाया था कि पहले फेज में करीब 21 हजार को रोजगार मिलेगा।
-सुधीर शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी

Posted By: Ashu Singh