मेरठ, जेएनएन। एनसीआरटीसी द्वारा बनाए जा रहे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के पहले डिपो का निर्माण दुहाई, गाजियाबाद में चल रहा है। दूसरा डिपो मेरठ के मोदीपुरम में बनेगा। मोदीपुरम का डिपो सबसे बड़ा होगा। इसमें गाजियाबाद के डिपो से भी अधिक सुविधाएं उपलब्‍ध होगीं।

ये चीजें होंगी खास

दुहाई डिपो में 12 आरआरटीएस ट्रेनों को खड़ी करने की क्षमता होगी। इसके अलावा, स्टैंडर्ड गैज की तीन इन्सपैक्शन बे लाइनों और दो वर्कशॉप लाइनों के साथ-साथ लगभग एक किमी की रनिंग टेस्ट ट्रैक भी होगा। जबकि मोदीपुरम में ज्यादा ट्रेन खड़ी होगी। दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि मोदीपुरम डिपो में मेरठ मेट्रो भी खड़ी होगी।

डिपो में यह होता है

आरआरटीएस ट्रेनों को रात भर डिपो में रखा जाएगा। जहां उनके रखरखाव, सफाई, मरम्मत आदि की व्यवस्था होगी। ट्रेन सेट्स की सामयिक रखरखाव की सुविधा। गाड़ियों की समुचित सफाई के लिए एक स्वचालित ट्रेन वाशिंग प्लांट होगा। एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग, डिपो कंट्रोल सेंटर (डीसीसी), बैकअप ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर, इंजीनियरिंग ट्रेन यूनिट (ईटीयू), एफ्लूएंट व सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट होगा। चालक प्रशिक्षण सुविधा होगी।

मेट्रो के लिए भी होगीं सुविधाएं

मेरठ के मोदीनगर में बनने वाले डिपो में एक खास बा‍त यह है कि इसमें रैपिड रेल के साथ ही मेट्रो ट्रेन को भी खड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही रैपिड रेल के आवश्‍यक चीजों के साथ ही मेट्रो के सुविधाओं का भी खास ख्‍याल रखा जाएगा। इसमें दोनों की सुविधा और क्षमता को देखकर ही तैयार किया जाएगा।

गाजियाबाद में रैपिड का पहला डिपो

रैपिड रेल का पहला डिपो गाजियाबाद में बनाया गया है। जिसे भारी क्षमता के साथ तैयार किया गया है। इसमें रैपिड रेल से जुडी उन तमाम सुविधाओं का ध्‍यान रखा गया है, जो आवश्‍यक हैं।