मेरठ, [रवि प्रकाश तिवारी]। पित्त की थैली और घुटने के ऑपरेशन के बाद भी टेनिस कोर्ट पर उतरकर सीनियर सिटीजन ग्रुप में एशियन चैंपियन (डबल्स) और नेशनल चैंपियन (सिंगल्स) बनने वाले मेरठ के 62 वर्षीय राकेश कोहली ने हाल ही में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए सीनियर विश्व चैंपियनशिप में भी भारत की रैंकिंग को सुधारा है। पुर्तगाल में तीन से 15 अगस्त तक चली विश्व चैंपियनशिप में 31 देशों के बीच भारत 19वीं रैंकिंग पर रहा। गत वर्ष 26 देशों के बीच भारत की 23वीं रैंकिंग थी।
पित्त की थैली, घुटने की सर्जरी फिर हेपेटाइटिस
उम्र के इस पड़ाव पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेनिस कोर्ट में टिकना आसान नहीं था, लेकिन राकेश कोहली का जुनून ही है कि वे न सिर्फ खेले बल्कि 17 टाइटल्स अपने नाम किये। इस बीच 2016 में उनकी पित्त की थैली का ऑपरेशन हुआ और 2017 के बाद घुटने का ऑपरेशन। राकेश कहते हैं, अक्टूबर, 2017 में सर्जरी के बाद कोर्ट में लौटना मेरे लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन मैंने कोशिश नहीं छोड़ी और अगस्त, 2018 में मैदान में उतर गया। इसी वर्ष एशियन चैंपियन बना। 2019 में सीनियर विश्व चैंपियनशिप की तैयारी करता, उससे पहले ही हेपेटाइटिस का शिकार हुआ, लेकिन महीने भर बाद जुलाई में रिकवरी कर फिर खेल में जुट गया।
17 टाइटल्स जीत चुके हैं राकेश कोहली
देश-विदेश की धरती पर 17 टाइटल्स जीतने वाले कोहली की मौजूदा वैश्विक रैंकिंग 37 है। उन्होंने भारत से बाहर सबसे अधिक चार टाइटल्स स्विट्जरलैंड में जीते हैं। थाईलैंड और पाकिस्तान में दो-दो जबकि लग्जमबर्ग और जर्मनी में एक-एक टाइटल अपने नाम किया। भारत में उन्होंने सात टाइटल्स जीते हैं।
जिंदगी का हर पल जी भरकर जी लेना चाहिए...
कोहली स्कूल-कॉलेज के दिनों के इस खेल को छोड़ चुके थे लेकिन 2005 में उनके परिवार में ऐसी घटना घटी जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई। उनकी भाभी को दांत में मामूली दर्द हुआ और सब कुछ ठीक रहते हुए भी कम उम्र में ही उनका निधन हो गया। इसके बाद राकेश और उनकी पत्नी ने तय किया कि वे बची हुई जिंदगी में अपनी हर इच्छा को पूरा करेंगे। टेनिस से उन्हें प्यार था जबकि पत्नी मोनिका का मॉडलिंग की ओर झुकाव था। राकेश ने टेनिस कोर्ट पर उतरने की ठानी और प्रैक्टिस करते हुए नेशनल-इंटरनेशनल लेवल पर खेलने लगे। मोनिका ने भी कई उत्पादों के लिए मॉडलिंग की और फिल्में भी कीं।
रोजाना योग, जिम में बहाते हैं पसीना
टेबल टेनिस के साजोसामान बनाने वाली बड़ी कंपनियों में से एक स्टैग इंटरनेशनल के प्रमुख राकेश ने बताया कि कोर्ट में स्फूर्ति बनी रहे, इसके लिए वह रोजाना दो घंटा टेनिस का अभ्यास करते हैं। इसके अलावा 45 मिनट योग करते हैं, 40 मिनट जिम में पसीना बहाते हैं। दोपहर 12 बजे के बाद ही अन्य काम देखते हैं। भोजन का ज्यादा हिस्सा फल और तरल पदार्थ होता है। बाहर का खाना नहीं खाते। शादी-आयोजनों में घर से खाना खाकर जाते हैं।
इन्‍होंने बताया
2014 में दिल्ली में आयोजित आइपीटीएल में टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर से मुलाकात के दौरान बातचीत में जब उन्हें बताया कि रोसा टेनिस कोर्ट में मैंने चार खिताब जीते हैं तो उन्होंने हंसते हुए कहा था..अच्छा है कि मैं आपके एज ग्रुप में नहीं हूं। टेनिस के सुपरस्टार का यह कांप्लीमेंट मुङो अब भी प्रेरित करता है।
-राकेश कोहली 

Posted By: Taruna Tayal

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