जागरण संवाददाता, मोदीपुरम : सरधना के कपसाड़ और गंगानगर के उल्देपुर गांव में राजपूत और अनुसूचित जाति के लोगों के बीच हुए जातिय संघर्ष में एक पक्षीय कार्रवाई होने से राजपूतों में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ रोष है। हाईवे स्थित सुमंगलम फार्म हाउस में 20 गांव के राजपूतों की महापंचायत हुई। इसमें राजपूतों ने प्रशासन के खिलाफ बिगुल फूंकने का संकल्प लिया। आरोप था कि पुलिस, प्रशासन दलितों के पक्ष में खड़े होकर एक तरफा कार्रवाई कर रहा है। महापंचायत में निर्णय हुआ कि सैकड़ों की संख्या में जिलेभर से राजपूत समाज के लोग 14 अगस्त को एसएसपी कार्यालय का घेराव कर न्याय न मिलने तक वहीं धरने पर बैठेंगे।

रविवार को दतावली के पूर्व प्रधान ठा. बनी ¨सह चौहान और प्रेमपाल ¨सह दुल्हेड़ा की अध्यक्षता में महापंचायत का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि चार वर्षीय बच्ची के साथ अनुसूचित जाति के युवक पर दुष्कर्म का किया और उलटे राजपूतों पर केस दर्ज करा दिए गए। नंगली गेट पर मारपीट दोनों पक्षों में हुई थी। दूसरी ओर, उल्देपुर गांव में युवक की मौत की ¨नदा महापंचायत ने भी की। साथ ही कहा कि मारपीट में दोनों पक्षों की महिलाएं और युवक भी घायल हैं। तो कार्रवाई अनुसूचित जाति के पक्ष में ही क्यों? ऐसे में पुलिस प्रशासन एक पक्षीय कार्रवाई कर रहा है। राजपूतों के घर में बंधी दुधारू जानवरों को पुलिस और अनुसूचित जाति के लोग पानी व घास तक नहीं डालने दे रहे। घरों की बिजली आपूíत काट दी गई। संचालन शीलेंद्र चौहान ने किया। वहीं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष राहुल चौहान, अनिल पुंडीर, सोमपाल फौजी, ब्रह्मवीर ¨सह टेहरकी, सुभाष, मोंटी दुल्हेड़ा आदि ने अपने विचार रखे।

By Jagran