यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बागपत में अफसरों की छापेमारी में राशन की कालाबाजारी का राजफाश, कोटेदार पर मुकदमा दर्ज
बागपत में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर दीपावली से पूर्व राशन वितरण ...और पढ़ें

बागपत, जागरण संवाददाता। सरकारी राशन की कालाबाजारी करने से कोटेदार बाज नहीं आ रहे हैं। रात को अफसरों की छापामारी में एक और कोटेदार की करतूत का राजफाश हुआ है आरोपित कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
यह है मामला
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर दीपावली से पूर्व राशन वितरण शुरू करने की तैयारी की गई थी। दुकानों पर राशन पहुंचा दिया गया था। वितरण शुरू होने से पहले ही छपरौली क्षेत्र के ग्राम ओढ़ापुर के कोटेदार गुलबहार ने 29 अक्टूबर की रात राशन की कालाबाजारी की तैयारी शुरू कर दी थी। इस संबंध में ग्रामीणों ने अफसरों को सूचना दी। पूर्ति विभाग के एआरओ अमरेश भटनागर ने टीम के साथ गांव में पहुंचकर छापामारी की तो दो मिनी ट्रक (पिकअप गाड़ी) गेहूं से लदी मिली। एआरओ का कहना है कि एक मिनी ट्रक में सरकारी बोरों में तथा दूसरे मिनी ट्रक में बगैर बोरों के गेहूं लदा मिला। बगैर बोरों के मिले करीब 20 कुंतल गेहूं के संबंध में कोटेदार कोई सटीक जबाव नहीं दे पाए। इससे स्पष्ट है कि कोटेदार गेहूं को अवैध रूप से बेचने की तैयारी कर रहे थे। उक्त गेहूं को कब्जे में लिया गया तथा अफसरों को पूरे मामले से अवगत कराया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर छपरौली थाने में आरोपित कोटेदार के खिलाफ 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। उधर थाना प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि गत माह राशन की कालाबाजारी में ग्राम सिरसली की महिला कोटेदार के खिलाफ बिनौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पूर्व में भी कई कोटेदारों के खिलाफ मुकदमें दर्ज कराए जा चुके हैं। राशन वितरण में अनियमितता बरतने पर दर्जनों कोटेदारों की दुकान निलंबित हो चुकी है।
साइबर अपराध से बचने को गोपनीयता व जागरूकता जरूरी
बागपत। अग्रवाल मंडी टटीरी के सर्वोदय पब्लिक स्कूल में साइबर क्राइम पर सेमिनार का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य अमित तेवतिया ने बताया कि स्कूल के पूर्व छात्र राहुल ने साइबर क्राइम के खिलाफ एक मुहिम शुरू की है, उसी के तहत कार्यक्रम किया गया है। वहीं राहुल ने विद्यार्थियों को अवगत कराया कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। इससे बचने के लिए प्राइवेसी और जागरूकता दोनों जरूरी है। जब तक हम अपने डेटा की प्राइवेसी भंग नहीं करेंगे, तब तक साइबर अपराध से बचे रहेंगे।
साइबर सेल के प्रभारी एसआइ नितिन पांडेय ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि आप अपना ई-मेल दूसरे व्यक्ति के कंप्यूटर, मोबाइल, या साइबर कैफे में खोलते हैं तो काम समाप्त होने पर उसे निश्चित रूप से लागआउट कर दें। बैंक कार्यालय समेत अन्य कार्यों से जुड़े पासवर्ड को गुप्त रखें। समय-समय पर उसे बदले। साइबर क्राइम की घटना होने पर सीधे पुलिस को सूचना दे, ताकि अपराधी तक पुलिस पहुंच सके। कार्यक्रम में जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी ने भी विद्यार्थियों को साइबर क्राइम सुरक्षा को लेकर कई जरूरी बातें बताई।
