मेरठ,जेएनएन। रोहित हत्याकाड में फरार चले रहे हत्यारोपितों की तलाश में पुलिस ने स्वजन व उनके रिश्तेदारों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार उनके रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही और दोनों के स्वजन को पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है। वैसे पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। साथ ही पुलिस इस बिंदू पर भी पड़ताल कर रही है कि कहीं गंदे काम से इन्कार करने पर आरोपितों ने रोहित की हत्या तो नहीं की?

टीपीनगर के शिवपुरम में घनी आबादी के बीच नशा मुक्ति केंद्र चल रहा है। जिसमें संदीप निवासी कंकरखेड़ा और अनूप सिंह निवासी कूंडा गांव थाना परतापुर को स्वजन ने भर्ती कराया था। 14 जुलाई को शेखपुरा निवासी रोहित को भी स्वजन ने नशे की लत छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। रविवार को नशा मुक्ति केंद्र में रोहित का शव पड़ा मिला। उसके हाथ बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। गले में दुपट्टा भी पड़ा था।

गंदा काम मना करने से हत्या तो नहीं की

एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि रोहित की पिटाई करने के बाद उसकी दुपट्टे से गला दबाकर हत्या की गई है। नशा मुक्ति केंद्र में सिर्फ तीन लोग ही भर्ती थे। ऐसे में हत्या के पीछे वर्चस्व का सवाल नहीं बनता है। फिलहाल माना जा रहा है कि आरोपितों ने रोहित के साथ गंदा काम करने का दबाव बनाया होगा। विरोध करने पर आरोपितों ने रोहित की हत्या कर दी। पुलिस इसी लाइन पर काम कर रही है। हत्या की सही वजह दोनों फरार हत्यारोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगी। बताया कि अनूप सिंह दो साल पहले कुंडा गाव में हत्या करने के बाद परतापुर थाने से जेल जा चुका है। जमानत पर छूटने के बाद नशे का आदि हो गया था। दोनों के स्वजन को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। साथ ही उनकी रिश्तेदारियों में भी दबिश दी जा रही है। दोनों की गिरफ्तारी को दो टीमें लगी हैं।

तीन बार पहले भी ठीक होकर जा चुका था रोहित

रोहित पहले भी तीन बार नशा मुक्ति केंद्र से ठीक होकर जा चुका था। संदीप 12 महीने से भर्ती था। संदीप और रोहित पहले भी साथ रह चुके थे। दूसरा आरोपित अनूप एक सप्ताह पहले ही नशा मुक्ति केंद्र में आया था। तभी से खुराफात कर रहा था। नशा मुक्ति केंद्र के मालिक शिवम गुर्जर का कहना है कि काउंसलिंग में अनूप ने बताया था कि पहले भी वह एक हत्या कर चुका है। शिवम का कहना है कि अनूप और संदीप के फरार होने का शायद रोहित ने विरोध किया होगा। इसी के चलते रोहित की हत्या कर दी गई।

छत से भागते देखे गए अनूप और संदीप

शिवम ने बताया कि रविवार को मा विमलेश देवी पड़ोसी के पास बैठी हुई थी। तभी पड़ोस में हल्ला मचा। दरवाजा तोड़कर देखा तो संदीप और अनूप दूसरे लोगों की छत से भाग रहे थे। दोनों के स्वजन को सूचना देने के बाद उन्होंने अंदर जाकर देखा तो रोहित का शव पड़ा था।

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