मेरठ : कचहरी परिसर में कभी पुलिस सुरक्षा के बीच अधिवक्ता पर चाकू से हमला हो जाता है। कभी यहां पर कोई भी आता है और बम से कचहरी को उड़ाने का पत्र चस्पा कर जाता है। इस तरह की हरकतें होने के बाद कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। जबकि यहां पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया हुआ है। अलग से कचहरी चौकी बनी है। सीधी सी बात है कि यहां पर चेकिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। जबकि यहां पर जिले के जिलाधिकारी और कप्तान के आफिस तक हैं।

कचहरी की सुरक्षा के लिए वर्तमान में 60 पुलिसकर्मी लगे हुए हैं। इसके अलावा रोजाना 50 से अधिक पुलिसकर्मी बंदियों को लेकर कचहरी में अलग अलग कोर्ट में पहुंचते हैं। हवालात पर अलग से सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। यहीं नहीं, एसपी सिटी रणविजय सिंह भी समय समय पर कचहरी में पहुंचकर अलग से फोर्स लेकर चेकिंग अभियान चलाते हैं। बावजूद इसके यहां पर कोई भी अपराधी आता है और जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के चेंबर पर बम से कचहरी को उड़ाने की धमकी भरा कागज चिपका देता हैं। एक दोषी अजय फौजी को सजा होती है और वह वकील पर केवल इसलिए हमला कर देता है, कि वह सजा से नहीं बचा पाए। कट्टन कहां से आई। अदालत में दाखिल होने से पहले उसकी तलाशी क्यों नहीं ली गई। आदि कई सवाल खड़े होते हैं। कचहरी में सुरक्षा होने के बावजूद चेंबर तक अपराधी कैसे पहुंचा। जबकि कचहरी के सभी गेटों पर 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है।

लिफ्ट पड़ी खराब

कचहरी में अदालत परिसर में लगी लिफ्ट तक खराब पड़ी हुई है। इस संबंध में कई बार जिला बार ने भी ठीक कराने का प्रयास किया, लेकिन ठीक नहीं हो सकी। पुलिस चौकी खस्ता हाल

कचहरी की पुलिस चौकी खस्ता हाल है। कुछ दिन पहले बारिश के कारण उसकी एक दीवार गिर गई थी। अभी तक इस दीवार तक को ठीक नहीं कराया गया है।

इन्होंने कहा--

कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए हुए हैं। बुधवार को भी कचहरी चौकी इंचार्ज को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा में लापरवाही हुई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

रणविजय सिंह, एसपी सिटी

Posted By: Jagran