मेरठ, जागरण संवाददाता। मवाना नगर स्थित किला परीक्षितगढ़ बस स्टैंड के सामने मंगलवार अपराह्न शीरे से लदे टैंकर ने बाइक सवारों को रौंद दिया। गर्भवती बहू व सास की मौत हो गई। पुलिस ने सड़क पर पड़े दोनों के क्षतविक्षत शवों को समेटकर मर्चरी हाउस भेज दिया। बहू के मायके वालों ने जाम लगाकर कार्रवाई की मांग की।

महिलाओं को रौंदते हुए टैंकर लेकर भाग गया चालक

जनपद मुजफ्फरनगर के गांव जटौर निवासी 55 वर्षीय सुरेंद्रपाल के बेटे अंकुर का विवाह एक साल पूर्व हिमायूंपुर निवासी रीना के साथ हुआ था। मंगलवार को सुरेंद्रपाल गर्भवती बेटे की पत्नी को मायके मिलाने के लिए बाइक पर बैठाकर ले जा रहे थे। साथ में पत्नी बबली 52 वर्ष भी थी। जैसे ही अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे वह मवाना स्थित मिल रोड किला परीक्षितगढ़ बस स्टैंड के सामने पहुंचे तो पीछे से आए शीरे से लदे टैंकर ने बाइक को टक्कर मार दी। तीनों लोग बाइक से नीचे गिर गए। आरोपित चालक टैंकर को रोकने की बजाए बजाए स्पीड बढ़ाते हुए बबली व रीना को रौंदते हुए भाग निकाला। दोनों के शव मांस के लोथड़े में बंट गए।

महिला के मायके वालों ने लगाया जाम

सूचना पर इंस्पेक्टर विष्णु कौशिक पुलिस बल के साथ पहुंच गए। बहू के मायके वाले ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य वाहनों से पहुंच गए और जाम लगा दिया। पुलिस पर शवों को जल्द हटाने और आरोपित टैंकर चालक को भगाने के आरोप लगाए। इंस्पेक्टर ने भागे आरोपित टैंकर का नंबर ट्रेस होने और जल्द पकडऩे का आश्वासन दिया, लेकिन लोग नहीं माने। बाद में पुलिस को शीरे से लदा एक टैंकर मिला, जिसमें चालक नहीं था।

जाम के कारण पुलिस ने किया रूट डायवर्ट

काफी देर बाद एसडीएम कमलेश गोयल वहां पहुंचे और आरोपित चालक की गिरफ्तारी के साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया लेकिन लोग तब भी नहीं माने। मौके पर सीओ उदय प्रताप ङ्क्षसह व कई थानों की फोर्स पहुंच गई। देर शाम तक लोग डटे हुए थे। उधर, जाम के कारण पुलिस ने पुलिस चौकी के पास से रूट डायवर्ट करते हुए वाहनों को वाया मेरठ से भेजा।

Edited By: Parveen Vashishta