मेरठ, जेएनएन। मेडिकल कालेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस की वजह से स्वास्थ्य विभाग की कई बार फजीहत हो चुकी है। ताजा वाक्या हैरान करने वाला है। 23 साल के एक युवक की मौत 28 जून को हुई, जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट 25 जून की बना दी गई। अब यह पत्र स्वास्थ्य विभाग के गले की फांस बन गया है। सीएमओ ने कहा है कि यह बेहद गंभीर है। इसे सिर्फ कागजी त्रुटि कहकर नहीं टाला जा सकता है। पूरी रिपोर्ट तलब की गई है।

नौना निवासी 23 साल का एक युवक 24 जून को मंसूरपुर के पास दुर्घटना में घायल हो गया था। मुजफ्फरनगर के डाक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। स्वजनों ने बताया कि युवक को जेलचुंगी के पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो दिनों तक इलाज के बाद उसे गढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 28 जून को सुबह 11 बजे उसकी मौत हो गई। अस्पताल ने कागजात बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम करने वाली टीम ने 25 जून की रिपोर्ट बनाकर परिजनों को दे दी। इसके मुताबिक 25 जून को दोपहर ढाई बजे शव मिला। तीन बजकर दस मिनट पर पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इस लापरवाही का पता चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। पोस्टमार्टम करने वाली टीम से जवाब मांगा गया है। विभागीय अधिकारियों ने माना कि पोस्टमार्टम हाउस के खिलाफ शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। सीएमओ डा. राजकुमार ने कहा कि इस प्रकार की त्रुटियों को सिर्फ कागजी बताकर पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता है। इसे सुधारना होगा। रिपोर्ट मांगी गई है। 

Posted By: Taruna Tayal

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