मेरठ। प्रदेश को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए जिले में भी बड़े स्तर पर अभियान चलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। साथ ही प्लास्टिक और थर्माकोल पर भी रोक लगाई जाएगी। प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसके लिए जिला स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए दो चरण निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण 15 जुलाई से 15 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 50 माइक्रॉन तक की पॉलीथिन पर रोक लगाई जाएगी। इस दौरान लगातार शहरी क्षेत्र के साथ नगर पालिका और पंचायत में भी बड़े स्तर पर जागरूकता के साथ छापामारी अभियान चलाया जाएगा।

दूसरे चरण का अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा। जिसमें पॉलीथिन को पूर्ण प्रतिबंधित करने के साथ प्लास्टिक और थर्माकोल के उत्पाद पर भी रोक लगाई जाएगी और दो अक्टूबर तक प्रदेश को पॉलीथिन मुक्त घोषित करने की अंतिम समय सीमा भी निर्धारित की गई है। शासन से जारी गाइडलाइन के बाद पुलिस-प्रशासन के साथ नगर निगम, प्रदूषण, उद्योग और वाणिज्यकर को मुख्य रूप से जिम्मेदारी दी गई है। जिले को सेक्टर में बाटकर मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। इससे पहले सपा सरकार में भी अदालत के आदेश पर 16 जनवरी 2016 को पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन सख्ती न होने के कारण इस आदेश का कोई असर नहीं हुआ था।

जुर्माने के साथ होगी सजा

शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पहली बार पॉलीथिन का प्रयोग और बनाने वालों पर पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माने की रकम एक हजार होगी और सजा का भी प्रावधान होगा।

आज से जागरूकता अभियान

जिले में 31 पॉलीथिन मैन्यूफैक्च¨रग यूनिट हैं, साथ ही बड़ी संख्या में पॉलीथिन के कारोबारी भी हैं। ऐसे में शुक्रवार को सभी को पुलिसलाइन में बैठक में बुलाया गया है। यहां अधिकारी शासन के निर्देशों से अवगत कराकर पॉलीथिन की मैन्यूफैक्च¨रग और प्रयोग पर प्रतिबंध के संबंध में जानकारी देंगे। साथ ही कागज और कपड़े के थैला बनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

'पॉलीथिन मुक्त एरिया' से अभियान की शुरुआत

शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए बेटियां फाउंडेशन की ओर से शास्त्रीनगर से 'पॉलीथिन मुक्त एरिया' की शुरुआत की गई। संस्था अध्यक्ष अंजू पांडेय ने कहा कि इस अभियान में सभी को आगे आना होगा। इससे हमारे शहर को ही फायदा होगा। गुरुवार को संस्था ने महिलाओं के साथ 'पेड़ लगाओ पॉलीथिन हटाओ' का स्लोगन दिया। संस्था हाथ से बने थैले देकर लोगों को जागरुक कर रही है। अभियान में शिवकुमारी गुप्ता, डा.क्षमा चौहान, रजनी सेठी, सुधा अरोड़ा, कुसुम मित्तल, हिमा कौशिक, पिनिता तिवारी, लक्ष्मी बिंदल, सरोज गुप्ता, सरोज दुबे आदि शामिल रहीं। इन्होंने कहा--

शासन के निर्देशानुसार 15 जुलाई तक 50 माइक्रॉन तक की पॉलीथिन के प्रयोग पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। रोक का प्रभावी बनाने के लिए छापामारी कर कार्रवाई की जाएगी।

-अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी

Posted By: Jagran