मेरठ । दूसरों को कानून का पाठ पढ़ाने वाली खाकी भी दबंगई पर उतर गई है। एसपी सिटी कार्यालय के बाहर पुलिस ने दशकों पुराना तांगा स्टैंड खत्म कर विश्राम स्थल का निर्माण शुरू करा दिया है।

घंटाघर के पास स्थित कई दशक पुराना तांगा स्टैंड था। हालांकि, अब तांगा नहीं चलने के कारण वहां ई-रिक्शा या अन्य वाहन नो-पार्किंग के बाद भी खड़े होते हैं। पुलिस ने इस भूमि पर कब्जा कर लिया है। यहां पर निर्माण भी शुरू करा दिया गया है। पुलिस का तर्क है कि कानून व्यवस्था के मद्देनजर घंटाघर के पास हमेशा पुलिस, पीएसी व आरएएफ तैनात रहती है। उनके बैठने तक के लिए कोई इंतजाम नहीं है। विश्राम स्थल बनने से जवानों को बैठने का स्थान मिल जाएगा। कई दिन से पुलिस वहां निर्माण करा रही है। सोमवार तक उसकी दीवार व पिलर खड़े कर दिए थे। पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर निगम अधिकारियों में रोष है। हालांकि, कोई इस पर कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।

इन्होंने कहा..

यह भूमि निगम की है। निगम ने बैठक में प्रस्ताव पारित किया कि यहां शैड बनवा दी जाए, ताकि इसमें कोई भी बैठ सके। इसका लाभ जवानों को भी मिलेगा। पुलिस ने उसे नहीं कब्जाया है।

-रणविजय सिंह, एसपी सिटी

पूर्व डीजीपी पहुंचे एसएसपी दफ्तर, पुलिसकर्मियों में मची हलचल

मेरठ : वर्ष-2015 में प्रदेश के डीजीपी रहे रिजवान अहमद सोमवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचे तो वहां उन्हें देख पुलिसकर्मियों में हलचल मच गई। एसपी देहात गाड़ी से उन्हें कप्तान दफ्तर में ले गए। रिजवान अहमद ने दो महीने तक डीजीपी की जिम्मेदारी संभाली थी, जिसके बाद वह सेवानिवृत्त हो गए थे। सोमवार को पूर्व डीजीपी रिजवान अहमद खुद ही कप्तान-डीआइजी अखिलेश कुमार समेत अन्य पुलिस अफसरों को अपने भतीजे की शादी का निमंत्रण देने के लिए पहुंचे थे। पूर्व डीजीपी के भतीजे की शादी 27 जनवरी को हाईवे-58 स्थित रिसोर्ट में होनी है। निमंत्रण देने और शिष्टाचार भेंट के बाद पूर्व डीजीपी ने कई पुलिसकर्मियों से हाथ मिलाकर उनका हाल भी जाना। एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व डीजीपी के भतीजे की शादी है, जिसका निमंत्रण देने वह आए थे।

Posted By: Jagran

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