मेरठ, जेएनएन। जाम से लोगों का पीछा नहीं छूट रहा है। यह परेशानी उस दिन और बढ़ जाती है, जिस दिन शहर में कोई बड़ी परीक्षा होती है। हर बार जाम लगता है और अधिकारी इसे नकार देते हैं। रविवार को भी ऐसा ही हुआ। दिन निकलते ही शहर जाम हो गया। दोपहर को फिर वही स्थिति हुई। बिजली बंबा बाईपास पर भी वाहन थम गए। रही सही कसर बारिश ने पूरी कर दी।

उप्र परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज की ओर से रविवार को जूनियर हाई स्कूल प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक चयन की परीक्षा थी। जिले में 72 केंद्र बनाए गए थे। देर रात से ही परीक्षार्थी और स्वजन पहुंचने शुरू हो गए थे। करीब 25 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। उनके साथ स्वजन और वाहन भी थे। इसके चलते ही हजारों लोग शहर में अतिरिक्त थे। इसकी जानकारी पुलिस अफसरों को भी थी, इसलिए ट्रैफिक पुलिस के साथ ही थाना पुलिस और पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स भी लगाया गया था। बावजूद इसके परीक्षा शुरू होने से पहले ही इंतजाम फेल हो गए। सुबह शहर हर तरफ से जाम हो गया। दिल्ली रोड के साथ ही गढ़ रोड, हापुड़ रोड, मवाना रोड पर लोगों ने परेशानी झेली। पुलिसकर्मी यातायात सुचारु कराने के लिए जूझते नजर आए। हालांकि समस्या से पार नहीं पाया जा सका। इसके बाद दोपहर में साढ़े 12 बजे जब परीक्षा छूटी तो फिर वही स्थिति नजर आई। शहर के भीतरी रास्तों पर भी सफर दूभर हो गया।

बाईपास पर भी झेली परेशानी

जाम का असर शहर के साथ ही बिजली बंबा बाईपास पर भी दिखाई दिया। दिल्ली रोड के जाम से बचने के लोग बाईपास का सहारा लेते हैं, लेकिन वहां भी फंस गए। उधर, हापुड़ रोड पर भी राजनीतिक कार्यक्रम के चलते जाम से बचने के लिए लोगों ने बाईपास का रुख किया। इसके चलते ही लोगों ने परेशानी झेली। दिनभर यही स्थिति रही।

बारिश ने और बढ़ाई दिक्कत

बारिश ने यातयात व्यवस्था की स्थिति और बिगाड़ी। कई जगह तो लोग गड्ढे में गिर कर घायल हो गए।

परीक्षा के कारण शहर में हजारों लोग अतिरिक्त थे। इस वजह से ट्रैफिक पुलिस के साथ ही थाना और अतिरिक्त बल लगाया गया था। कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति बनी, लेकिन फिर यातायात सुचारु हो गया।

जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक

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