मुजफ्फरनगर, जेएनएन। थाना सिविल लाइन पुलिस ने कार्ड बदलकर एटीएम से ग्र्राहकों के लाखों रुपये निकालने वाले अंतर्राज्यीय फ्राड गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनसे विभिन्न बैंकों के 27 एटीएम कार्ड, बाइक व तमंचा आदि बरामद हुए हैं। 

शुक्रवार को पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान एसपी सिटी सतपाल अंतिल ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने एटीएम फ्राड गैंग के विरुद्ध् अभियान चलाया। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर विकास भवन एटीएम के समीप से दो बदमाशों को दबोच लिया। बदमाशों की पहचान अनुज कुमार पुत्र सुखपाल निवासी लहवोली थाना मंगलौर रुड़की जनपद हरिद्वार उत्तराखंड तथा नीटू पुत्र नरेश उर्फ नशेरू निवासी गांव बुड्ढाखेड़ा थाना चरथावल जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई। 

बताया कि एक बदमाश पप्पू उर्फ प्रवेश चतरू निवासी महतोली थाना देवबंद (सहारनपुर) हाल निवासी किराएदार मकान ब्रह्मï सिंह सलेमपुर थाना रानीपुर (हरिद्वार) फरार हो गया। अनुज इस गैंग का लीडर है। 

ये हुई बदमाशों से बरामदगी

एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए दोनों बदमाशों से 27 एटीएम कार्ड मिले। इनमें चार जनपद हरिद्वार पीएनबी व बीओआइ शाखा, एक एसबीआइ शामली, तीन कार्ड पीएनबी, केनरा बैंक व ओबीसी आगरा के शामिल हैं। बताया कि बरामद एक एटीएम कार्ड एसबीआइ महोबा, एक एटीएम एक्सिस बैंक अमेठी, आठ एसबीआइ, पीएनबी, एचडीएफसी तथा यूनियन बैंक सहारनपुर के हैं, जबकि पांच कार्ड जनपद मुजफ्फरनगर की एसबीआइ, पीएनबी व सेंट्रल बैक शाखा से संबंधित हैं। पुलिस ने दो बाइक, एक तमंचा तथा कारतूस व एक फोन के साथ बदमाशों से धोखाधड़ी के शिकार लोगों के 21 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। 

बुजुर्ग व महिलाओं को बनाते हैं निशाना

एसपी सिटी सतपाल अंतिल ने बताया कि गैंग हरिद्वार उत्तराखंड में भी सक्रिय है। इसके सदस्य एटीएम के पास मौजूद रहते हैं। जब महिला, बुजुर्ग अथवा अकेला व्यक्ति एटीएम पर पैसा निकालने आता है तो उससे पहले गैंग के सदस्य एटीएम का बटन दबा देते हैं, जिससे मशीन कैश को बाहर नहीं निकालती। जब कोई व्यक्ति अपना एटीएम कार्ड मशीन में लगाता है तो पैसे नहीं निकलते। तब वहां मौजूद गैंग का सदस्य कहता है-जल्दी करो उन्हें भी पैसे निकालने हैं। इसके बाद मदद के नाम पर कोड पूछकर एक-दो बार प्रयास कर तथा स्क्रीन के बायीं साइड में लगे चार बटनों में से एक बटन को दबाए रखते हैं। जिससे रुपये नहीं निकलते। तब ये कहते हैं कि उनका एटीएम खराब है। चूंकि गैंग के पास पूर्व से ही विभिन्न बैंको के एटीएम काड्र्स होते हैं तथा उसी बैंक का कार्ड चालाकी से उस व्यक्ति को बदलकर पकड़ा देते हैं। वह व्यक्ति चला जाता है तब गैंग के सदस्य उसके असली एटीएम से रुपया निकाल लेता है। पैसे तब तक निकालता रहता है जब तक वह व्यक्ति ब्लाक नहीं करा देता। बताया कि गैंग शामली, सहारनपुर, रुड़की, आगरा मुजफ्फरनगर आदि में लोगों को निशाना बना चुका है। 

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