प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त कब आएगी? इसे पाने के लिए इन बातों का रखना होगा ध्यान
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को अगली किस्त पाने के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। उप कृषि ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
योजना का लाभ लेने हेतु ई-केवाईसी कराना अनिवार्य।
आधार लिंक बैंक खाता और लैंड सीडिंग भी आवश्यक।
विनय विश्वकर्मा, मेरठ। छोटी खेती के किसानाें की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरूआत की थी। इसका उद्देश्य छोटे किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करनी है। केंद्र सरकार की इस प्रमुख योजना में किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6000 रुपये तीन बराबर किस्तों में दी जाती है।
इस क्रम में हर चार महीने में दो हजार रुपये की किस्त डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए ई-केवाइसी कराना अनिवार्य है। बैंक खाता आधार कार्ड से जुड़ा होना चाहिए। लैंड सीडिंग के तहत कृषि विभाग द्वारा जमीन का रिकार्ड सत्यापित होना चाहिए।
इस योजना की शुरूआत 24 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर जिले से की थी। लेकिन इस योजना को प्रभावी रूप से अधिकारिक तौर पर 01 दिसंबर 2018 से ही लागू कर दिया गया था।
पात्रता और सम्मान निधि संबंधित मुख्य बिंदु
- कोई भी किसान परिवार सहायता प्राप्त कर सकता है, जिसके पास कृषि भूमि है।
- लाभार्थी किसानों को अगली किश्त प्राप्त करने हेतु फार्मर रजिस्ट्री करना अनिवार्य है।
- पति, पत्नी व नाबालिग बच्चों को एक परिवार माना गया है।
- कोई भी किसान परिवार किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त करने हेतु जनसेवा केंद्र पर आधार कार्ड, बैंक पासबुक व प्रमाणित खतौनी लेकर पंजीकरण करा सकता है।
- योजना अंतर्गत वर्ष में 6000 रुपये प्रति किसान परिवार के बैंक खाते में धनराशि तीन समान किश्तों में दी जाती है।
अपात्र श्रेणी, जो सम्मान निधि के लिए लाभार्थी नहीं हो सकते
- भूतपूर्व या वर्तमान में संवैधानिक पदधारक (ऐसा पद जो संविधान के अंतर्गत परिभाषित है।)
- भूतपूर्व या वर्तमान मंत्री, राज्यमंत्री, भूतपूर्व वर्तमान सदस्य लोक सभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभा, राज्य विधान परिषद, भूतपूर्व या वर्तमान नगर महापालिका के मेयर, भूतपूर्व या वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष।
- केंद्र व राज्य सरकार के कार्यालय विभागों के समस्त अधिकारी व कर्मचारी, केंद्र और राज्य सरकार सहायतित अर्द्ध सरकारी संस्थान व सरकार से समस्त कार्यालय व स्वायत्तशासी या स्थानीय निकायों के नियमित कार्मिक (चतुर्थ श्रेणी, समूह घ के कार्मिकों को छोड़कर)
- लाभार्थी किसानों द्वारा विगत कर निर्धारण वर्ष में आयकर का भुगतान किया गया है।
- समस्त सेवानिवृत्त पेंशनधारक, जिनकी मासिक पेंशन दस रुपये या उससे अधिक है। (चतुर्थ श्रेणी, समूह घ के सेवानिवृत्त पेंशनर्स को छोड़कर)
- पेशेवर डाक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, सीए व आर्किटेक्ट आदि को संबंधित पेशे के लिए पंजीकरण करने वाली संस्था में पंजीकृत है और अपना पेशा कर रहे हैं।
- योजना का लाभ किसी भी संस्थान, संस्था की भूमि पर देय नहीं है।
अगली किस्त अक्टूबर माह में आना संभावित

उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया कहते हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त अक्टूबर के माह में आना संभावित है। सम्मान निधि के पात्र किसानों को अपनी ई-केवाइसी कराना अनिवार्य है। ईै-केवाइसी न होने की स्थिति में सम्मान निधि का लाभ भविष्य में नहीं मिल पाएगा। इसके लिए किसान, जनसेवा केंद्र या कृषि विभाग कार्यालय संपर्क कर सकते हैं। मेरठ में बड़ी संख्या में किसान इसका लाभ ले रहे हैं।
मेरठ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के किस्तवार लाभार्थी किसानों की संख्या
- पहली किश्त - 268868
- दूसरी किश्त - 259516
- तीसरी किश्त - 254040
- चौथी किश्त - 242454
- पांचवी किश्त - 234589
- छठी किश्त - 226429
- सातवीं किश्त - 215251
- आठवीं किश्त - 207759
- नौवीं किश्त - 199497
- दसवीं किश्त - 190167
- ग्यारहवीं किश्त - 184386
- बारहवीं किश्त - 172608
- तेरहवीं किश्त - 167250
- चौदहवीं किश्त - 164036
- पंद्रहवीं किश्त - 157062
- सोलहवीं किश्त - 156391
- सत्रहवीं किश्त - 148340
- अठारहवीं किश्त - 146670
- उन्नीसवीं किश्त - 130586
- बीसवीं किश्त - 122402
- इक्कीसवीं किश्त - 113824
- बाइसवीं किश्त - 104143
- तेइसवीं किश्त - 77411
नोट - किसानों को 24वीं किस्त अक्टूबर 2026 में डीबीटी के माध्यम से स्थानांतरित की जानी संभावित है। हालांकि अभी केंद्र सरकार द्वारा इसकी तिथि निर्धारित नहीं हुई है।
