मेरठ, जागरण संवाददाता। Pitru Paksha 2021 पितृपक्ष में नई वस्तुओं की खरीदारी और सुख-सुविधा बढऩे से पितर नाराज नहीं, बल्कि स्वजन की तरक्की देखकर खुश होते हैं, और उन्हें आशीर्वाद देते हैं। श्राद्ध शब्द श्रद्धा से बना है, जिसका अर्थ पितरों के प्रति श्रद्धा भाव हैं। पुराणों में पितरों के लिए श्रद्धा की बात कही गई है। इसमें दान दक्षिणा के अलावा ब्राह्मणों को भोजन और जरूरतमंदों की सेवा पर जोर दिया गया है। इससे पितर खुश होते हैं।

यह बताते हैं ज्योतिषी

ज्योतिषी विभोर इंदुसुत का कहना है कि श्राद्ध पक्ष में घर, गाड़ी, नए कपड़े, जमीन, सोना-चांदी और अन्य सभी वस्तुओं की खरीदारी की जा सकती है, क्योंकि इन दिनों में पितर हमारे घर आते हैं। श्राद्ध करके उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। इन दिनों में मांगलिक कार्य जैसे विवाह, उपनयन संस्कार, नींव पूजन, मुंडन और गृह प्रवेश की मनाही है।

बदल रही है मानसिकता

श्राद्ध पक्ष की शुरुआत गणेश उत्सव से होती है और बाद में नवरात्र आते हैं, ऐसे में श्राद्ध पक्ष अशुभ कैसे हो सकते हैं। पितृपक्ष में खरीदारी को लेकर लोगों की मानसिकता बदल रही है। अब न सिर्फ बाजारों में खरीदारी हो रही है, बल्कि चार पहिया और दो पहिया वाहनों की खरीदारी से लेकर बुकिंग की भी भरमार है। विक्रेताओं का कहना है कि इस बार सीएनजी गाडिय़ों की मांग अधिक होने से छह माह तक की बुकिंग चल रही है।

बुकिंग की भरमार, खूब आ रहे गाडिय़ों के खरीदार

मेरठ : पितृपक्ष में जहां आने वाले त्योहारी सीजन के लिए बुकिंग की भरमार है, वहीं लोगों को इन दिनों वाहन खरीदने से भी कोई एतराज नहीं है। यही कारण है कि लोग नई गाडिय़ों के बाजार में आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, और उसके लिए हाथों-हाथ बुकिंग भी करवा रहे हैं। गाड़ी विक्रेताओं का मानना है कि लोगों की सोच बदल रही है। कुछ वर्ष पहले तक लोग पितृपक्ष में गाड़ी खरीदना तो दूर बुकिंग भी नहीं करवाते थे। ऐसे में श्राद्ध के समय बाजार की बेहतर स्थिति को देखकर गाड़ी विक्रेताओं में उत्साह होना स्वाभाविक है। साथ ही आने वाले त्योहारी सीजन को लेकर काफी उम्मीदें भी हैं। दैनिक जागरण ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर गाड़ी विक्रेताओं से बातचीत कर उनके विचार जानने का प्रयास भी किया।

इनका कहना है

लोगों को नई बाइक राइडर के आने का इंतजार है, तो वहीं जुपिटर की मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इस समय लोग खरीदारी कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में पितृपक्ष में गाडिय़ों की बिक्री पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।

- मनोज कुमार सिंह, सेल्स मैनेजर, आरके आटोमोबाइल दिल्ली रोड

कोरोना काल को ध्यान में रखा जाए तो इस समय काफी बेहतर स्थिति है। लोग मनपसंद गाडिय़ों की बुकिंग करवा रहे हैं, और खरीद भी रहे हैं। खासतौर पर युवा अब पूरे साल ही जरूरत के हिसाब से खरीदारी करते हैं।

- धु्रव मलिक, प्रबंध संचालक, विजेता बजाज दिल्ली रोड

मेट्रो शहरों की तरह अब मेरठ में भी पितृपक्ष में खरीदारी की जा रही है। लोगों की सोच बदल रही है, और अब वह अन्य दिनों की तरह श्राद्धपक्ष में भी खरीदारी कर रहे हैं। इनमें युवा खरीदारों की संख्या अधिक है।

- संजीव गुप्ता, डायरेक्टर, श्रीदेव होंडा दिल्ली रोड

इस बार सीएनजी गाडिय़ों की सबसे ज्यादा मांग है। लोग हाथों-हाथ इन्हें खरीद रहे हैं। छह से आठ माह तक की बुकिंग भी चल रही है। इस बार पितृ पक्ष में गाडिय़ों की बुकिंग से लेकर बिक्री भी खूब हुई है। इसे देखते हुए लगता है कि लोगों की सोच बदल रही है।

- शलभ गुप्ता, निदेशक, समुद्रा हुंडई गढ़ रोड

अब पूरे साल लोग मनपसंद गाड़ी खरीदते हैं। जब गाड़ी उपलब्ध हो तभी खरीद लेते हैं। इस बार पेट्रोल और डीजल की गाडिय़ों की मांग कम हुई है, और सीएनजी गाडिय़ों की मांग बढ़ी है। लोग पितृपक्ष में भी मनपसंद गाड़ी घर ले जा रहे हैं।

- जफर खान, महाप्रबंधक, राधा गोविंद आटोमोबाइल दिल्ली रोड

Edited By: Prem Dutt Bhatt