मेरठ, जेएनएन। न्यू देवपुरी मोहल्ले में बुधवार को सत्येंद्र कुमार रोहिल्ला की मृत्यु हो गई। वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। मृत्युपरांत स्वजन ने अंतिम संस्कार के लिए सूरजकुंड श्मशान घाट तक शव ले जाने के लिए मदद मांगी। समाज सेवी दुष्यंत रोहटा और सर्वेश कुमार उपाध्याय मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपर नगर आयुक्त श्रद्धा शांडिल्यायन से फोन पर दो बार संपर्क साधने की कोशिश की। उनका फोन नहीं उठा तो शव वाहन भेजने के लिए वाट्सएप पर मैसेज किया। करीब चार घंटे तक शव वाहन का इंतजार करते रहे। जब निगम से मदद नहीं मिली तो उन्होंने इंसानियत मानव सेवा समिति से मदद मांगी। आधे घंटे में समिति के सदस्य एंबुलेंस लेकर न्यू देवपुरी पहुंच गए। तब जाकर दाह संस्कार संभव हुआ।

नगर निगम अधिकारी के फोन न उठाने और शव वाहन ने भेजने के मामले को लेकर समाजसेवी दुष्यंत रोहटा ने आक्रोश जताया है। दुष्यंत रोहटा ने बताया कि मृतक के परिवार में एक बेटा, बहू और छोटी बच्ची है।

खुद भी हैं संक्रमित..फिर भी मदद के लिए भेजी टीम

नगर निगम से जब शव वाहन नहीं पहुंचा तो दुष्यंत रोहटा ने इंसानियत मानव सेवा समिति से एंबुलेंस भेजने की बात कही। आधे घंटे में समिति के सदस्य आशुतोष वत्स एंबुलेंस लेकर न्यू देवपुरी पहुंच गए। सूरजकुंड में अंतिम संस्कार कराया। जबकि समिति के अध्यक्ष राहुल कस्तला खुद संक्रमित हैं। इसके बाद भी वे जरूरतमंदों की मदद करने में तत्पर हैं। सूचना मिलते ही टीम को एंबुलेंस के साथ भेजने में देरी नहीं की।

इंसानियत मानव सेवा समिति के सदस्य एंबुलेंस लेकर शव लेने पहुंचे

इन्‍होंने बताया...

देवपुरी से मदद के लिए मैसेज वाट्सएप पर मुङो मिला था। मैंने शव वाहन के चालक को शव लाने के लिए निर्देशित किया था। सूरजकुंड में अंतिम संस्कार भी हो गया है।

- श्रद्धा शांडिल्यायन, अपर नगर आयुक्त