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मासूम बच्चों ने की थी पदक के लिए प्रार्थना, वीडियो देख भावुक हुईं पारुल... बोलीं-वे बच्चों से जरूर मिलेंगीं

By English Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 04 Oct 2026 02:30 PM (IST)

एशियन गेम्स में दो कांस्य पदक जीतने वाली मेरठ की धाविका पारुल चौधरी बच्चों की प्रार्थना का वीडियो देखकर भावुक ...और पढ़ें

एशियन गेम्स में पदक लाने से पहले पारुल चौधरी के लिए प्रार्थना करते कंपोजिट विद्यालय के बच्चे साथ में खेल प्रशिक्षक गौरव त्यागी। सौ. खेल विभाग

एशियन गेम्स में पदक लाने से पहले पारुल चौधरी के लिए प्रार्थना करते कंपोजिट विद्यालय के बच्चे साथ में खेल प्रशिक्षक गौरव त्यागी। सौ. खेल विभाग

HighLights

  1. पारुल चौधरी ने एशियन गेम्स में दो कांस्य पदक जीते।

  2. बच्चों की प्रार्थना का वीडियो देख पारुल भावुक हुईं।

  3. पारुल जल्द ही सिखेड़ा गांव के बच्चों से मिलेंगी।

जागरण संवाददाता, मेरठ। कहते हैं बच्चों की प्रार्थनाओं में भगवान बसते हैं और जब यही मासूम दुआएं देश के सम्मान से जुड़ जाएं, तो इतिहास रच दिया जाता है। जब मेरठ की बेटी और अंतरराष्ट्रीय धाविका पारुल चौधरी जापान के आइची नागोया में एशियन गेम्स के ट्रैक पर देश के लिए पसीना बहा रहीं थीं। उस वक्त जिले के सिखेड़ा गांव के कंपोजिट विद्यालय में सैकड़ों हाथ उनके पदक जीतने की मनोकामना मांग रहे थे। स्कूल के बच्चों की इसी निश्छल प्रार्थना ने पारुल को हौसला दिया। वह दो कांस्य पदक जीतकर अपने गांव इकलौता आयी हैं।

21 सितंबर को कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के खेल प्रशिक्षक गौरव त्यागी सिखेड़ा गांव के कंपोजिट विद्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने विद्यालय के बच्चों के साथ पारुल चौधरी के लिए ईश्वर से प्रार्थना की थी। बच्चों ने पारुल के एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन और पदक जीतने की कामना की थी। इस दौरान बनाए गए बच्चों की प्रार्थना के वीडियो को गौरव त्यागी ने पारुल चौधरी के पदक जीतने से पहले भेजा था। जब पारुल जापान में थीं। वीडियो देखकर काफी खुश हुईं। उन्होंने कहा कि बच्चों का मेरे प्रति यह निश्छल प्रेम और प्रार्थना मेरे दिल को छू गई।

तब मन में ठाना था कि मैं बच्चों की उम्मीदों को पूरा करूंगी और पदक लेकर लौटने के बाद उनसे मिलने विद्यालय जरूर जाऊंगी। इसके बाद 27 सितंबर को एशियन गेम्स में पारुल ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। वहीं अगले दिन 28 सितंबर को महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में भी पारुल ने कांस्य पदक हासिल किया। अगले सप्ताह पारुल सिखेड़ा के कंपोजिट विद्यालय के बच्चों से मिलने जाएगी। बच्चों के लिए यह मुलाकात केवल एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से मिलने का अवसर नहीं होगी, बल्कि उस विश्वास की भी जीत होगी, जो उन्होंने अपनी छोटी सी प्रार्थना में पारुल के लिए जताया था।

रजपुरा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय सिखेड़ा की प्रधान अध्यापिका संगीता रानी ने कहा कि विद्यार्थी एवं समस्त विद्यालय परिवार देश एवं जनपद का गौरव बढ़ाने वाली पारुल चौधरी का हर्ष एवं गर्व के साथ स्वागत करेंगे। साथ ही उनका सम्मान किया जाएगा।