मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। पुरकाजी क्षेत्र के गांव भदौला में गुरुवार रात से मगरमच्छ आने का शुरू हुआ सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को अंडों व बच्चों की तलाश में नाले से निकलकर मादा मगरमच्छ आई। ग्रामीणों की मौजूदगी व शोर के कारण फिर नाले में जाकर गायब हो गई। गांव में दहशत का माहौल है। मगरमच्छ रोकने को वन विभाग की टीम ने नाले के पास तेज रोशनी की  व्यवस्था कराई है। फिलहाल वन विभाग व ग्रामीण मगरमच्छ को पकड़ने के प्रयास में लगे हैं।

घंटों चली कवायद

खादर के भदौला में गुरुवार रात नाले के पास मगरमच्छ देखा। वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को नाले के पास से मगरमच्छ के सात नवजात बच्चे पकड़कर उन्हें सोनाली नदी में छोड़ दिया था। मादा मगरमच्छ नाले में गायब हो गई। शनिवार सुबह मगरमच्छ नाले से निकलकर उस स्थान पर आई जहां शुक्रवार को वह बच्चे छोड़कर गई थी। ग्रामीणों का शोर सुनकर मगरमच्छ फिर से वापस नाले में चली गई। शुक्रवार रात वन विभाग की टीम ग्रामीणों संग मगरमच्छ को तलाशती रही। घंटों चली कवायद के बाद भी मगरमच्छ को नहीं देखा गया। 

ग्रामीणों ने देखा हैरतअंगेज दृश्य

इससे पूर्व शुक्रवार को भदौला गांव में ग्रामीणों ने एक हैरतअंगेज दृश्य देखा। गांव के रास्ते पर मादा मगरमच्छ अपने सात नवजात बच्चों के साथ दिखाई दी। शोर होने पर वह एक नाले में घुसकर गायब हो गई। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ के सातों बच्चों को सोनाली नदी में छोड़ दिया। कई ग्रामीण रात बाहरी छोर स्थित नाले के पास से जा रहे थे। तभी उन्होंने एक मगरमच्छ को गांव के मुख्य रास्ते की ओर आते देखा। शोर शराबा होने पर मगरमच्छ नाले में घुसकर गायब हो गई। शुक्रवार सुबह कुछ ग्रामीण जब नाले के पास जा गुजर रहे थे तो उन्होंने मगरमच्छ को सात बच्चों के साथ देखा। ग्रामीणों के शोर मचाने पर मगरमच्छ बच्चों को छोड़कर फिर से नाले में घुसकर गायब हो गई। टीम ने मगरमच्छ की काफी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। 

बच्चे निकलने तक गड्ढे की रक्षा करती है मगरमच्छ 

रेंजर कुलदीप सिंह ने बताया कि मादा मगरमच्छ 25 से 30 अंडे देती है। प्रसव के बाद वह उन्हें दो से ढाई फीट गहरे गड्ढे में दबा देती है। करीब 70 दिनों तक जहां अंडे दबाए जाते हैं, मगरमच्छ उस स्थान की देखभाल करती है। इसके बाद जब अंडों से बच्चे निकलते हैं तो वह उन्हें साथ लेकर चली जाती है। उन्होंने बताया कि संभवत: मगरमच्छ ने अपने अंडे नाले के किनारे दबा दिए थे। गुरुवार रात में वह अंडों की देखभाल करने आई थी। शुक्रवार सुबह अंडे से बच्चे बाहर आए तो वह उन्हें लेकर जा रही होगी। सातों बच्चों को सुरक्षित सोनाली नदी में छोड़ दिया है। मगरमच्छ को पकड़ने के लिए एक टीम लगाई गई है। रात में भी सर्तकता बरती जा रही है। विभाग की टीम नजर रखे हुए है।

Edited By: Parveen Vashishta