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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Zila Panchayat Adh‍yaksh Election 2021: मेरठ में भाजपा के गौरव चौधरी और बुलंदशहर से डा. अंतुल तेवतिया निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष

By Himanshu DwivediEdited By:
Published: Sat, 26 Jun 2021 04:14 PM (IST)Updated: Sat, 26 Jun 2021 08:51 PM (IST)

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसमें भाजपा की घोषित प्रत्याशी अंतुल ...और पढ़ें

डा अंतुल तेवतिया बनी निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष।
डा अंतुल तेवतिया बनी निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष।

मेरठ, जेएनएन। मेरठ और आसपास के जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए गए। मेरठ में भाजपा की ओर से पंचायत सदस्य  गौरव चौधरी व बुलंदशहर से भाजपा की डा. अंतुल तेवतिया निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बन गए हैं। मेरठ में सपा और रालोद की संयुक्त प्रत्याशी जिला पंचायत  सदस्य सलोनी गुर्जर का नामांकन निरस्त होने से गौरव निर्विरोध चुने गए।

यहां-यहां पर हुए नामांकन

मुजफ्फरनगर में भाजपा से डा. वीरपाल निर्वाल, विपक्ष से केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान के तेहरे भाई सत्येंद्र बालियान और आजाद समाज पार्टी से तहसीन बानो ने नामांकन किया। विपक्ष के प्रत्याशी सत्येंद्र बालियान को भाकियू का भी समर्थन है। बिजनौर में भाजपा प्रत्याशी साकेंद्र प्रताप सिंह और सपा-रालोद प्रत्याशी चरनजीत कौर ने नामांकन पत्र दाखिल किया। बागपत में भाजपा से पंचायत सदस्य बबली देवी व रालोद से वार्ड 13 की जिला पंचायत सदस्य ममता ने नामांकन किया। शामली में भाजपा प्रत्याशी मधु व सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी अंजलि ने अपना नामांकन दाखिल किया। सहारनपुर में भाजपा से चौधरी मांगेराम व संयुक्त मोर्चा की ओर से जयवीर उर्फ जोनी ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।

अंतिम मौका था

जिला पंचायत अध्‍यक्ष पद के लिए नामांकन को आज अंतिम मौका था। जिले में भाजपा की अच्‍छी पकड़ होने के कारण कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा की जीत पक्‍की है। विराधी पार्टियों में भी इस बात की हलचल तेज थी, हो सकता है कि यही कारण रहा हो कि भाजपा की जीत देख किसी भी पार्टी के उम्‍मीदवार ने नामांकन न किया हो। हालाकि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरेन्द्र यादव की पत्नी आशा यादव व सुनील चरौरा की पत्नी गीता चरौरा ने नामांकन पत्र खरीदा था। लेकिन नामांकन नहीं किया। निर्विरोध प्रत्‍याशी होने से अब तय हो चुका है कि जिले में पंचायत अध्‍यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं होंगे।

भाजपा ने निर्विरोध होने का किया था दावा

भाजपा खेमा पहले से ही दावा कर रहा था कि उनकी जीत निश्चित देख कोई भी नामांकन करने नहीं आएगा। हालाकि भाजपा की ऐसी बात सुनकर कई पक्षों में सुगबुगाहट हुई थी, पर किसी ने नामांकन का पर्चा दाखिल नहीं किया। निर्विरोध होने से भाजपा खेमा में खुशी की लहर है। नामांकर और कागजातों के जांच के बाद भाजपा नेताओं ने एक दूसरे को बधाई भी दी। जिला अध्‍यक्ष होने की घोषणा चुनाव के बाद तीन जुलाई को की जाएगी।

बैठक में बसपा जिलाध्यक्ष की मौजूदगी से बड़ी धड़कन

सिकंदराबाद में पुलिस कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए नेताओं में बसपा जिलाध्यक्ष भी थे। इस दौरान उनके साथ बसपा के कई सदस्य भी मौजूद थे। बसपा के इस सदन में दस जिला पंचायत सदस्य है। उधर, रालोद के सात सदस्य बताए जा रहे हैं। सपा के तीन सदस्यों के साथ यह संख्या बीस हो जाती है। रालोद, सपा व बसपा की गलबहिया ने भाजपा नेताओं की सांस तेज कर दी है। 17 जिला पंचायत सदस्यों की गिरफ्तारी की रही चर्चा रही। हालांकि इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की है। उधर, रालोद, सपा व बसपा नेताओं का दावा है कि उनके साथ शुक्रवार को 25 जिला पंचायत सदस्य थे। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व विपक्ष की प्रत्याशी आशा यादव अपने साथ 33 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन होने का दावा कर रहे हैं। 

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