जागरण संवाददाता, मेरठ। कोरोनाकाल में ऑक्सीजन की कमी कई जिंदगियों पर भारी पड़ी थी, ऐसे में प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगवा दिया है। मेडिकल कालेज परिसर का पहला प्लांट दो दिन में चालू कर लिया जाएगा, जबकि दूसरे जनरेशन प्लांट के लिए जगह तय कर ली गयी है। दोनों प्लांट बेंगलुरु के डीआरडीओ से मंगाए गए हैं।

400 बेडों का है कोविड वार्ड

मेडिकल कालेज में कोविड के 400, जबकि कुल 1060 बेड हैं। हर माह तीन हजार मरीजों की ओपीडी के साथ ही सौ से ज्यादा बड़े ऑपरेशन किये जाते हैं। कालेज में सभी बेडों तक ऑक्सीजन की पाइपलाइन पहुंचाई गई है। कोरोना की दोनों लहरों के दौरान मेडिकल कैंपस में कोई जनरेशन प्लांट नहीं था। छह टन की क्षमता का एक फिलिंग प्लांट था, जिसे मोदीनगर की ऐजेंसी गैस आपूर्ति करती थी। लेकिन दूसरी लहर के ढलने के साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष और प्रदेश सरकार की ओर से मेडिकल कालेज परिसर में एक-एक नए नए जनरेशन प्लांट का बजट आवंटित कर दिया गया। 15 दिन पहले पहला प्लांट परिसर में उतारा गया, जो 950 लीटर प्रति मिनट की क्षमता से चलेगा। इसे डीआरडीओ की टीम ने इंसटाल किया है।

98 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन

मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि प्लांट हवा से नाइट्रोजन अलग कर ऑक्सीजन बनाएगा। इसकी शुद्धता 98 प्रतिशत होगी। दूसरा प्लांट भी इसी क्षमता का है। ऐसे में जहां मेडिकल कालेज में करीब 1900 लीटर प्रति मिनट की क्षमता से ऑक्सीजन पैदा की जा सकेगी, वहीं कुल 11 टन की क्षमता के फिलिंग प्लांट भी संचालित किए जा रहे हैं। मेडिकल कालेज अन्य संस्थानों को भी ऑक्सीजन दे सकेगा। 

Edited By: Himanshu Dwivedi