मेरठ,जेएनएन। पौराणिक व ऐतिहासिक बूढ़ी गंगा को पुनर्जीवित करने की कवायद प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रारंभ कर दी है। सोमवार को कानूनगो अरविद कुमार व नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमैन प्रियंक भारती ने सैफपुर फिरोजपुर गांव पहुंचकर प्रथम चरण के कार्य के लिए रूपरेखा तैयार की और बूढ़ी गंगा नदी का मार्ग देखा गया।

नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमैन व शोभित विवि के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रियंक भारती व राजस्व कानूनगो अरविद कुमार तहसील दस्तावेजों के साथ सैफपुर फिरोजपुर के समीप से होकर निकल रही बूढ़ी गंगा पर पहुंचे। जहां से उन्होने राजस्व विभाग के अभिलेखों व सिजरे का मिलान करते हुए जिस मार्ग से होकर बूढ़ी गंगा निकल रही है का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि जिसमें बूढी गंगा का मार्ग देखते हुए सैफपुर फिरोजपुर से सराय खादर, शाहपुर सुल्तानपुर, नंगली खादर, ऐदलपुर व बामनौली शामिल है। उन्होंने बताया कि बूढ़ी गंगा का यह पहला चरण है। इसके बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। जो हस्तिनापुर के कौरवान पांडवान व अन्य ग्राम पंचायतों में राजस्व विभाग के अभिलेखों के अनुसार प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर सीमांकन का कार्य पूर्ण होगा वहां वन विभाग द्वारा पौधारोपण किया जाएगा। वहीं लोगों में भी आस जगी है कि उनकी पौराणिक धरोहर बूढ़ी गंगा पुनर्जीवित होगी और नदी के लहलहाते तट पौराणिकता का स्मरण कराएंगे।

पीएम आवासीय योजना की नहीं मिल रही दूसरी किस्त: थाना क्षेत्र की मोहल्ला गढ़ी खटिकान निवासी महिला ने नपा कर्मियों पर पीएम आवासीय योजना के तहत दूसरी किस्त नहीं मिलने पर पैसा मांगने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने नगरपालिका की चेयरपर्सन को शिकायत की है।

उक्त मोहल्ला निवासी बिदिया पत्नी स्व. रविद्र ने पत्र में बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत आवेदन किया था। जिसमें उसे प्रथम किस्त की पचास हजार रुपये की धनराशि मिल गई थी। जिसमें उसने जमीन पर कार्य करवा लिया है। लेकिन, अब दूसरी किस्त नहीं मिल रही है। वह नगरपालिका के कई चक्कर काटकर पालिका में दो कर्मियों ने उससे तीस हजार रुपये की मांग की। इस मामले में चेयरपर्सन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। ईओ कार्यवाहक व एसडीएम अमित कुमार भारतीय ने बताया किजांच में दोष साबित हो जाता है तो आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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