मुजफ्फरनगर, जेएनएन। गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना में दो वर्ष से चल रहे फर्जी बिल प्रकरण में गन्ना आयुक्त ने चार संचालकों को मिल के धन को क्षति पहुंचाने का दोषी पाया है। प्रधान प्रबंधक को चारों संचालकों को पदच्युत करने तथा मिल समिति के एक सदस्य की सदस्यता समाप्त करने के आदेश दिए है।

यह है मामला

उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ लिमिटेड के संचालक देवेंद्र चौधरी एवं भाकियू तोमर के ब्लाक अध्यक्ष ठाकुर बलराम ङ्क्षसह ने सहकारी चीनी मिल, मोरना के संचालक सुधीर कुमार, नन्हेडा, मनोज कुमार करहेडा, अरुण कुमार कैडी दरियापुर, रजत कुमार बेहडा थ्रू व मिल समिति के सदस्य राजीव कुमार निवासी रहमतपुर पर 11 नवंबर-2018 व 11 नवंबर 2019 को लखनऊ में आयोजित गन्ना सुरक्षण बैठक में सम्मिलित होने के लिए होटल व टैक्सी का फर्जी बिल लगाकर 63 हजार 30 रुपये का भुगतान मिल से प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए गन्ना आयुक्त समेत उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी।

आयुक्त गन्ना एवं चीनी तथा निबंधक सहकारी गन्ना एंव चीनी मिल समितियां संजय कुमार भूसरेड्डी ने डीसीओ से प्रकरण की जांच कराई, जिसमें मिल के धन को क्षति पहुंचाना पाया गया। इस पर गन्ना आयुक्त ने सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक को एक माह के अंदर संचालक सुधीर कुमार, मनोज कुमार, अरुण कुमार, रजत कुमार को प्रबंध कमेटी के संचालक सदस्य पद से पदच्युत करने और राजीव चौधरी की चीनी मिल मोरना की समिति सदस्यता समाप्त करने के आदेश दिए हैं। प्रधान प्रबंधक कमल रस्तोगी ने बताया कि गन्ना आयुक्त का आदेश मिला है। फाइल कार्रवाई हेतु डीसीओ को भेजी जा रही है। 

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