मेरठ जेएनएन। अगर आप भी डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करते है और डिजिटल वॉलेट के द्वारा पैसों का लेन-देन करते है तो सावधान हो जाइए। क्योंकि डिजिटल युग में चोर भी डिजिटल हो गए है। चोरों ने भी चोरी करने के तरीके में बदलाव कर लिया है। अब चोर आपके पैसे चोरी करने के लिए आपकी जेब नहीं काटेंगे बल्कि आपके डिजिटल वॉलेट से पैसे चोरी कर लेंगे। ऐसे ही मामलें प्रतिदिन साइबर सेल में देखने को मिलते है। जहां लोग पेटीएम, फोन-पे के नाम पर आई फोन कॉल के जरिए ठगी का शिकार हो जाते है। लोगों की मेहनत की कमाई के पैसे ठग एक ही झटके में उड़ा देते है। पीड़ित रोत-बिलखते पुलिस के पास पहुंचते है जहां से थाना पुलिस उन्हें साइबर सेल भिजवा देती है।

कंकरखेड़ा निवासी रेनू एक स्कूल में अध्यापिका के पद पर तैनात है। गुरुवार को रेनू के नंबर पर एक फोन कॉल आया और रेनू को उनके डिजिटल वॉलेट पेटीएम में केवाईसी कराने के लिए एक लिंक भेजा। जैसे ही रेनू ने लिंक ओपन किया और 1 रुपए ठग के एकाउंट में ट्रांसफर किया वैसे ही रेनू के एकाउंट से 50-50 हजार रुपये करके दो बार लाखों रुपए कट गए। जिसके बाद रेनू ने इसकी शिकायत कंकरखेड़ा पुलिस से की, जहां रेनू को कंकरखेड़ा पुलिस ने साइबर सेल भिजवा दिया। रेनू की शिकायत के आधार पर पुलिस साइबर ठगों की तलाश कर रही है। दूसरा मामला सरधना थाना क्षेत्र नई बस्ती धर्मपुरी निवासी संदीप तोमर के साथ हुआ। उन्हें भी फोन-पे के नाम पर एक कॉल आई, साइबर ठगों ने उनके एकाउंट में 25 हजार रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। जहां संदीप साइबर ठगों की बातों में आ गए और साइबर ठगों के द्वारा भेजे लिंक को ओपन कर लिया। लिंक ओपन करते ही संदीप के खाते से 25-25 हजार रुपये करके दो बार में 50 हजार रुपये कट गए। फिलहाल पुलिस पीड़ित की तहरीर के आधार पर साइबर ठगों की तलाश कर रही है। 

Posted By: Prem Bhatt

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