मेरठ, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेरठ में 32 खिलाड़‍ियों से मुलाकात व बात की। इनमें से 12 खिलाड़ी टोक्यो ओलिंपिक गेम्स में हिस्सा ले चुके ओलिंपियन और पैरालिंपियन खिलाड़ी थे। वहीं अन्य खिलाड़ी उत्तर प्रदेश जूनियर हाकी टीम के खिलाड़ी थे जो 25 दिसंबर को राष्ट्रीय जूनियर हाकी चैंपियनशिप में विजेता बनी है। कुछ खिलाड़‍ियों से हुई बातचीत के प्रमुख अंश।

प्रधानमंत्री मोदी ने मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। बोले वादा किया था मेरठ आने पर मिलने का, इसलिए मुझसे और परिवार के लोगों से मुलाकात की। परिवार के संघर्ष की बात कही और बोले कितना संघर्ष कर बेटी को आगे बढ़ाया है। ट्रेनिंग और कोविड के कारण स्कूलों में नहीं जा सकी। मेरठ आने पर मैंने भेंट का वादा किया था। मैंने उन्हें रामायण दी तो उन्हें अच्छा लगा।

- प्रियंका गोस्वामी, ओलिंपियन पैदल चाल एथलीट, मेरठ

खेल को लेकर टाप्स, खेलो इंडिया आदि योजना के संचालन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को किसी भी तरह के उपकरण या मदद की जरूरत हो तो वह निजी तौर पर भी पत्र लिख सकते हैं। खेल विवि बनने पर पूछा तो मैंने कहा कि जब हमने खेल की शुरुआत की थी, तब सुविधाएं नहीं थीं। अब जूनियर बच्चों को बहुत अच्छा मौका मिलेगा।

- अन्नू रानी, ओलिंपियन जैवलिन थ्रोवर, मेरठ

यह सौभाग्य की बात है कि खेल की वजह से बार-बार उनसे मिलने का मौका मिल रहा है। टोक्यो से आने पर भी मिले थे। उन्हें देखकर ही जोश बढ़ता है। खेल विवि पर बात हुई। इससे क्या लाभ मिलेगा, इस पर मैंने बताया कि यहां सिंथेटिक ट्रैक नहीं है। पहला यहीं बनेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं यहीं मिलेंगी तो खिलाड़ी यहां से पलायन नहीं करेंगे। अब यहां की प्रतिभा यहीं की होकर रहेगी और बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।

- विवेक चिकारा, पैरालिंपियन तीरंदाज, मेरठ

बार-बार मिलने का मौका नहीं, बल्कि यह हमारे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने का मौका है। जिस देश के मुखिया के अंदर इतना आत्मविश्वास है, इससे हमारे भीतर भी आत्मविश्वास बढ़ता है जो खेल में काम आता है। खेल विवि बनने के बाद जब गेम्स शुरू होंगे, तो हमारे जैसे खिलाडिय़ों को दूसरे प्रदेश में जाकर प्रशिक्षण नहीं लेना पड़ेगा। खिलाड़ी अपने प्रदेश और अपनी मिट्टी से जुड़े रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पैरा खेलों को भी खेल नीति में शामिल कर इस दिशा में कदम बढ़ाया है।

- दीपेंद्र सिंह, पैरालिंपियन शूटर, संभल

प्रधानमंत्री से मिलने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। उन्होंने उनके खेल के बारे में पूछा। मैं 2008 से शूटिंग कर रहा हूं। मैंने टिन के भीतर शूटिंग की है। अब इस खेल विवि के बनने के साथ ही खेल सुविधाएं बढ़ रही हैं, तो इससे खेलों को बढ़ावा मिलेगा और खिलाडिय़ों को आगे बढऩे का मौका मिलेगा। सामान्य खेलों के साथ ही पैरा खेलों और खिलाड़‍ियों को भी लाभ होगा।

- आकाश, ओलिंपियन पैरा शूटर, बागपत

प्रधानमंत्री जब भी बात करते हैं प्रेरित करते हैं। टोक्यो जाने से पहले उनकी मुलाकात और प्रेरणा ने परिणाम भी दिए। सरकार की ओर से टारगेट ओलिंपिक पोडियम, खेलो इंडिया, स्पोट्र्स साइंस, विदेश यात्रा व प्रशिक्षण सुविधाएं बढ़ाने का असर दिख रहा है। साई का सहयोग मिला और पैरा आर्चरी में पहला पैरालिंपिक पदक हम लोग जीत सके। पीएम का धन्यवाद कि सबसे पहले खिलाडिय़ों से मिले और उनके द्वारा दिए गए टास्क के बारे में भी पूछा। खेल विवि पूरे प्रदेश और देश के लिए वरदान साबित होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व धन्यवाद।

- कुलदीप, शूटिंग कोच

पीएम ने पूछा कि जम्मू कब जाओगी। मैं वहीं पर ट्रेनिंग करती थी। उन्हें बताया कि कैंप के बाद वहां जाना होगा। खेल विवि से फायदे के बारे में पूछा। मैंने कहा कि जब हम गांव में जाते थे तो स्वजन व बच्चे पूछते थे कि हम भी तीरंदाजी करना चाहते हैं तो मैं कुछ बोल नहीं पाती थी। खेल विवि बनने के बाद हम नए खिलाड़ियों को यहां आने के लिए प्रेरित कर सकेंगे।

- ज्योति बालियान, पैरालिंपियन, पैरा शूटर, मुजफ्फरनगर

प्रधानमंत्री ने पूछा कि आपको कौन सा गाना अधिक प्रेरित करता है। हमने बताया कि हम होंगे कामयाब एक दिन गाना अधिक प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री ने स्कूल में जाकर बच्चों से संवाद कर उन्हें खेल के प्रति प्रति जागरूक करने के लिए कहा। साथ ही पूछा कि आप अपने काम व खेल के बीच कैसे तालमेल बनाते हैं और प्रैक्टिस के लिए कैसे समय निकालते हैं।

- सुहास एल वाई, अर्जुन अवार्ड से सम्मानित पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी व गौतमबुद्धनगर के डीएम

मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने हमसे काशी के साथ खेल के बारे में सवाल किए। हम काशी के ही हैं, इसलिए हमने वहां की पूरी जानकारी प्रधानमंत्री को दी। साथ ही खेल के साथ खेल विश्वविद्यालय को लेकर भी चर्चा हुई और युवाओं को कैसे प्रेरित किया जाए, इसको लेकर भी प्रधानमंत्री ने सभी खिलाडिय़ों से संवाद किया।

- ललित उपाध्याय, अर्जुन अवार्ड से सम्मानित हाकी खिलाड़ी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमारे खानपान व प्रशिक्षण आदि को लेकर सवाल किए और मुस्कराकर पूछा कि पकौड़े भी खाते हो क्या? हमने टीम के खानपान को लेकर जानकारी दी। साथ ही सुबह-शाम होने वाली ट्रेनिंग के बारे में भी विस्तार से बताया। प्रधानमंत्री ने हमारी बात को ध्यान से सुना और उत्साहवर्धन किया।

- उत्तम सिंह, स्वर्ण पदक विजेता, जूनियर हाकी खिलाड़ी 

Edited By: Taruna Tayal