मेरठ, जेएनएन। गांवों में डेंगू से पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्लान तैयार किया है। कोरोना महामारी की तर्ज पर ही डेंगू का सामना करने के लिए प्लान तैयार किया गया है। बीडीओ अपने विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायतों की निगरानी करेंगे और डेंगू का रोगी सामने आने पर खुद गांव जाकर मरीज के स्वजन से बात करेंगे।

जनपद के सभी 12 विकास खंड के बीडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। बीडीओ उपचार की व्यवस्था भी कराएंगे। गांव में साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और फागिंग भी कराई जाएगी। इसके अलावा डेंगू के मामलों की हर दिन रिपोर्ट तैयार होगी और सीडीओ कार्यालय से संयुक्त रिपोर्ट बनेगी। सीडीओ शशांक चौधरी ने बताया कि गांवों में डेंगू के रोगियों की निगरानी की जा रही है। विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। बीडीओ को जिम्मेदारी दी गई है।

नोडल अधिकारी ने किया पीकू वार्ड का निरीक्षण: कोरोना की संभावित तीसरी लहर व डेंगू बुखार की दस्तक के चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। बुधवार को लगभग दो बजे लखनऊ से आए स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एके गुप्ता ने टीम के साथ सीएचसी मवाना में पीकू वार्ड का निरीक्षण किया।

उन्होंने सीएचसी पर पीकू वार्ड के अलावा आक्सीजन प्लांट, जरनल वार्ड, एक्सरे रूम समेत विभिन्न वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने वैक्सीनेशन व जांच आदि के विषय में जानकारी ली। उन्होंने संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिये किये गए इंतजाम आदि व्यवस्था को परखा और आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने मरीजों का भी हाल जाना मिल रही सुविधाओं के विषय में जानकारी ली। सीएचसी के बाद उन्होंने मवाना ब्लाक क्षेत्र के गांव भैंसा में पहुंचकर उप स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण की जानकारी ली। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की बात कही। निरीक्षण दौरान उनके साथ एसीएमओ प्रवीण गौतम, सीएचसी प्रभारी डा. सतीश भास्कर आदि मौजूद रहे।

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