मेरठ, जेएनएन। वित्तीय संकट से जूझ रहे कैंट बोर्ड ने किराए पर दी गई संपत्तियों का किराया बढ़ा दिया है। इसे एसटीआर यानी स्टैंडर्ड टेबल ऑफ रेंट्स के हिसाब से लगाया जाएगा। एक अप्रैल से नई दरों पर दुकानों से किराया वसूला जाएगा। छावनी में छोटी- बड़ी मिलाकर करीब 300 दुकानें हैं। जो कैंट फंड से बनी हैं। जिसका कैंट बोर्ड को किराया मिलता है। अभी तक इन दुकानों के लिए तीन से 24 रुपये प्रतिवर्ग फुट के हिसाब से कैंट बोर्ड ने किराया तय किया था। एसटीआर लागू होने से इसका किराया दोगुना से लेकर चार गुना बढ़ जाएगा। बोर्ड बैठक में तय हुआ कि कैंट फंड की सभी दुकानों का किराया एसटीआर से तय होगा। इस बढ़ोतरी का कैंट बोर्ड की सदस्य बीना वाधवा ने विरोध किया। उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी ने कहा कि ये कैंट की किराएदारी में हैं। एक अप्रैल से ये होंगी दरें कैंट फंड की दुकानों का किराया एसटीआर पर करने के बाद लालकुर्ती क्षेत्र में आठ रुपये प्रति वर्ग फुट की जगह 31 रुपये हो जाएगी। रेलवे स्टेशन पर चार रुपये की जगह 23 रुपये, रोहटा रोड क्षेत्र की दुकानें चार रुपये की जगह 24 रुपये प्रति वर्ग फुट, दिल्ली रोड की दुकानें 24 रुपये की जगह 44 रुपये प्रति वर्ग फुट हो जाएगी। डोर टू डोर सफाई ठेका होगा रिव्यू बैठक में घर-घर कूड़ा उठाने के लिए दिया गए ठेके का रिव्यू किया जाएगा। इस ठेके को इस बार पहले से ज्यादा मूल्य पर दिए जाने का सदस्यों ने विरोध किया था, जिस पर बोर्ड ने ठेके को रिव्यू करने का निर्णय लिया है। मोबाइल टावर के ठेकेदार को नोटिस बार- बार बुलाने के बाद भी मोबाइल टावर लगाने वाली इंडस कंपनी के ठेकेदार ने एग्रीमेंट नहीं किया है। पैसा भी नहीं जमा किया है। इसके लिए ठेकेदार को नोटिस दिया जाएगा। दवा का बकाया भुगतान होगा कैंट अस्पताल में बाबा मेडिकल स्टोर ने वर्ष 2002 से 2006 के बीच दवा सप्लाई किया था। 40 लाख के बिल में तीन लाख रुपये का बिल फर्जी पाया गया था। इसकी सीबीआइ जांच भी हो चुकी है। अब बाबा मेडिकल स्टोर की तीन लाख रुपये काट कर बाकी रकम भुगतान करने का प्रस्ताव पास किया गया। बजट होने पर इसका भुगतान किया जाएगा। बोर्ड के अन्य निर्णय - 55 साल की उम्र पूरी करने वाले कर्मचारियों की सेवा बहाली के लिए कमेटी बनेगी। - नागरिक समिति की बैठक में पास हुए म्युटेशन का रिव्यू होगा। - कल्याण करोति का कैंट अस्पताल में नवीनीकरण स्वीकार। - मेरठ छावनी में पांच जगह की पार्किंग का प्रस्ताव रद। - वार्ड में सड़क और इंटरलॉकिंग की रिपेय¨रग के लिए बजट के अनुसार प्रस्ताव। - टंचिंग ग्राउंड पर ठोस कचरे के निस्तारण के लिए दो कंपनी से मांगे गए प्रस्ताव। - छावनी परिषद की शक्तियों के निर्धारण के लिए सुमित बोस के प्रस्ताव के अनुसार बनेगी कमेटी। बदल जाते हैं मिनट्स छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में हुए फैसले को बदलने का मुद्दा उठा। बीना वाधवा ने कहा कि जो मीटिंग में तय होता है, उसे मिनट्स में बदल दिया जाता है। मंजू गोयल ने म्युटेशन को लेकर विरोध जताया। ये रहे मौजूद बैठक में अध्यक्ष अनमोल सूद, सासद राजेंद्र अग्रवाल, कैंट विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल, सीईओ प्रसाद चव्हाण, उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी, सदस्य रिनी जैन, बीना वाधवा, मंजू गोयल, अनिल जैन, नीरज राठौर, धमर्ेंद्र सोनकर, जिला प्रशासन से अजय तिवारी, आर्मी के मनोनीत सदस्य रहे।

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