सहारनपुर, जागरण संवाददाता। टेरर फंडिंग पर शिकंजा कसने के लिए एनआइए ने मंगलवार तड़के गंगोह थानाक्षेत्र के कुंडाकलां गांव में छापेमारी की। टीम एसडीपीआइ (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया) के नेता की तलाश में आई थी, जो टीम को देखकर भाग गया। 

गाजियाबाद और बुलंदशहर के साथ एनआइए की सहारनपुर में भी छापेमारी 

गाजियाबाद और बुलंदशहर में छापेमारी के साथ ही एनआइए की टीम ने सहारनपुर में भी छापेमारी की। कुंडाकलां गांव के ग्रामीणों की मानें तो मंगलवार तड़के तीन बजे तीन गाड़ियां एसडीपीआइ नेता रागिब के घर पहुंची और उसके घर का दरवाजा खुलवाया। टीम को देखकर वो पीछे की दीवार कूदकर भाग गया। टीम ने जंगल में उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

भाई से की पूछताछ 

इसके बाद टीम ने उसके भाई सददाम को हिरासत में लेकर चार घंटे तक एक गोपनीय स्थान पर पूछताछ की। मोबाइल चेक करने के बाद टीम ने उसे छोड़ दिया। सददाम ने बातचीत में बताया कि उसे स्थानीय पुलिस ने उठाया था। उसका कोई वारंट निकला हुआ था। वहीं, गंगोह थाना प्रभारी जसवीर सिंह का कहना है कि उनके थाने की पुलिस ने सददाम नाम के व्यक्ति को नहीं उठाया। न ही थाने से कुंडाकला गांव का कोई वारंटी फरार चल रहा है। 

तीन गाड़ियों और हथियारों को देखकर दहशत में आए कुंडाकलां के ग्रामीण

एसडीपीआइ नेता के घर तीन गाड़ियां पहुंचने पर कुंडाकलां के ग्रामीणों ने उन्हें बदमाश समझा। टीम के सदस्य सिविल वर्दी में थे। सभी के हाथों में हथियार थे। एनआइए की टीम ने कुछ ग्रामीणों से बात की। बाद में ग्रामीण समझ गए थे कि पुलिस से संबंधित मामला है। इसके बाद टीम ने ग्रामीणों को मौके से हटा दिया। छापेमारी के वक्त अजान का समय हो रहा था। इसलिए अधिकतर ग्रामीण जाग रहे थे। 

इनका कहना है...

एनआइए की टीम जब भी कहीं पर छापेमारी करती है तो वह सिविल पुलिस को सूचना नहीं देती। हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

-विपिन ताडा, एसएसपी।

Edited By: Parveen Vashishta

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