मेरठ, जेएनएन। शैक्षणिक सत्र 2021-22 से चौधरी चरण सिंह विवि और उससे जुड़े कालेजों में नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके तहत मल्टीपल एग्जिट और एंट्री की सुविधा भी छात्रों को मिलेगी। पहले चरण में स्नातक स्तर पर पाठ्यक्रम तय कर दिए गए हैं। जो प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में एक समान होंगे। नए पाठ्यक्रम में कोर्स को इस तरह से बनाया गया है, कि छात्र एक साल के सर्टिफिकेट कोर्स में बहुत कुछ सीख सकते हैं। जो उनके रोजगार में सहायक होगा।

नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक स्तर पर न्यूनतम एकीकृत पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। सिलेबस को नई शिक्षा नीति के तहत तैयार किया गया है। जिसमें सिलेबस को श्रेणीवार तैयार किया गया है। एक साल के लिए सर्टिफिकेट, दो साल डिप्लोमा और तीन साल डिग्री स्तर के हिसाब से पाठ्यक्रम बना है। पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाने का प्रयास किया गया है। जिसके तहत हर पाठ्यक्रम में कोर्स आउटकम भी दिया गया है। हिंदी जैसे पाठ्यक्रम में हिंदी के साथ अंग्रेजी की भी प्रारंभिक जानकारी की अपेक्षा की गई है। स्नातक में नई शिक्षा नीति में सेमेस्टर आधारित पढ़ाई होगी।

हिंदी के पाठ्यक्रम को इस तरह से तैयार किया गया है कि हिंदी में अच्छे से रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। कंप्यूटर, सिनेमा, अनुवाद आदि के माध्यम से छात्रों को नए समाज की चुनौतियों से सामना करने के लिए भी पाठ्यक्रम में प्रयास किया गया है। इसी तरह से संस्कृत के पाठ्यक्रम में प्रोग्राम स्पेसिक आउटकम आयुर्वेद, वास्तुशास्त्र, ज्योतिष, कर्मकांड के माध्यम से पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाने का प्रयास किया गया है। इसी तरह अंग्रेजी में एक साल सर्टिफिकेट के हिसाब से पाठ्यक्रम को तैयार किया गया है। जिसमें बीए प्रथम सर्टिफिकेट इन इंग्लिश में ईमेल लिखना, सीवी तैयार करना, एफआइआर, आरटीआइ के लिए आवेदन लिखना, आनलाइन राइटिंग जैसे विषय को भी जोड़ा गया है।

 

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