मेरठ, जेएनएन : आठ जून को स्क्रैप कारोबारी से कॉल कर 50 लाख की रंगदारी मांगने के दर्ज मुकदमे में सोमवार को लिसाड़ी गेट पुलिस के साथ मिलकर कैंट एएसपी ने राजफाश कर दिया। कारोबारी के पड़ोस में रहने वाले बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया था। चार बदमाशों को धर दबोचा है, जबकि इनके चार साथी पकड़ से दूर हैं।

ऐसे मांगी थी रंगदारी

प्रेसवार्ता में कैंट एएसपी रामअर्ज और सीओ कोतवाली दिनेश चंद शुक्ला ने बताया कि लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र जाकिर कालोनी चमड़ा पैंठ निवासी गत्ता फैक्ट्री व स्क्रैप कारोबारी वसीम पुत्र सलीम के मोबाइल पर अनजान नंबर से आठ जून को कॉलर ने पचास लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। उसके बाद वसीम का घर से निकलना दूभर हो गया। पुलिस केस दर्ज कर जांच पड़ताल में जुट गई। जिस मोबाइल नंबर से रंगदारी मांगी गई, पुलिस ने उस नंबर को सर्विलांस पर लगाकर उस पर हो रही बातचीत रिकॉर्ड की। जिसमें कारोबारी के दो पड़ोसी इरशाद उर्फ छोटू पुत्र इस्लामुद्दीन और सुहैल पुत्र मेहरदीन को धर दबोचा। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने समर गार्डन निवासी मौ. साजिद पुत्र ताहिर खान व मौ. वाहिद पुत्र मौ. कल्लू को भी पकड़ लिया, जिन्होंने रंगदारी का षड़यंत्र रखा था। चारों बदमाशों ने बताया कि पचास लाख रुपये मिल जाते तो वह बराबर का हिस्सा आपस में बांट लेते और अपना काम करते।

लूट के मोबाइल से मांगी थी रंगदारी

सीओ कोतवाली ने बताया कि इरशाद व सुहैल ने आठ जून को शास्त्रीनगर एल ब्लॉक से एक राहगीर से मोबाइल लूटा था। लूट के मोबाइल से उसी रात स्क्रैप कारोबारी को कॉल कर पचास लाख की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने वह मोबाइल भी बरामद कर लिया। बदमाशों में इरशाद उर्फ छोटू सिलाई का काम, सुहैल पुताई, मौ. साजिद कपड़ा बेचने और मौ. वाहिद ड्राइविंग करता है।

Posted By: Jagran

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