स्टेडियम में कुक रहे पिता का सपना पूरा, एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीतने वाले नीरज की संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी
Asian Games 2026: एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाले तीरंदाज नीरज चौहान का सफर आर्थिक चुनौतियों से भरा रहा। ...और पढ़ें

दिल्ली की आइटीबीपी एकेडमी में नीरज चौहान को प्रशिक्षण देते उनके कोच प्रियंक त्यागी। सौ. कोच
HighLights
नीरज चौहान ने एशियन गेम्स में तीरंदाजी में कांस्य पदक जीता।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है आईटीबीपी में सेवारत नीरज के नाम के।
जागरण संवाददाता, मेरठ। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाले मेरठ के तीरंदाज नीरज चौहान का यहां तक का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है।
घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन नीरज चौहान को तीरंदाज बनना था। इसलिए पिता अच्छेलाल चौहान ने पहले कैलाश प्रकाश स्टेडियम की रसोई में कुक की नौकरी की। यहां के वेतन से काम नहीं चला तो ढाबा चलाया। तब जाकर दो बेटों को खिलाड़ी बना सके।
पीडब्ल्यूडी कालोनी निवासी पिता अच्छेलाल बताते हैं कि वह कैलाश प्रकाश स्टेडियम में कुक थे। उस समय उनके बेटे नीरज चौहान और सुनील चौहान उनके साथ कभी कभी स्टेडियम आ जाते थे। दोनों बाक्सिंग खेलने लगे। सुनील तो अभी भी बाक्सिंग खेलते हैं और कई बार नेशनल में पदक जीतकर लाए।
अब वह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में पुलिस में हेड कांस्टेबल है। नीरज ने कुछ दिन के बाद बाक्सिंग छोड़ दी और तीरंदाजी करने लगे। उस समय स्टेडियम में कोच अनुपमा थीं। अनुपमा ने उनके हुनर को पहचाना और कुक पिता से कहा कि नीरज चौहान अच्छा खेलता है। उस पर ध्यान दें। जिसके बाद पिता ने भी नीरज को अच्छी ट्रेनिंग दिलाने के लिए दिल्ली की एकेडमी में एडमिशन दिलाया।
यहां उन्होंने अलग अलग एकेडमी में तीरंदाजी के गुर सीखे। बाद में जब आइटीबीपी में चयन हुआ तो यहां उन्हें इंस्पेक्टर प्रियंक त्यागी कोच मिले। अब पिछले सात साल से कोच प्रियंक ही नीरज चौहान को ट्रेनिंग दे रहे हैं। कोच का कहना है कि नीरज चौहान ने खूब मेहनत की और यह उसका ही नतीजा है, जो 16 साल बाद भारत को नीरज चौहान ने रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में भारत के ही धीरज को हराकर कांस्य पदक जीता है।
आइटीबीपी में तैनात है नीरज, नरेला दिल्ली में है पोस्टिंग
पिता अच्छेलाल का कहना है कि नीरज की जब नौकरी लगी तो उसने उन्हें घर बैठा दिया था। अब वह कुछ नहीं करते हैं। नीरज वर्तमान में आइटीबीपी में जवान है और नरेला दिल्ली में उनकी पोस्टिंग चल रही है।
नेशनल रिकार्ड भी है उनके नाम
नीरज चौहान के कोच प्रियंक त्यागी बताते हैं कि नीरज चौहान वर्ष 2024 में बिहार के जमशेदपुर में हुई नेशनल प्रतियोगिता में खेलने गए थे। वहां पर उन्होंने 70 मीटर में 700 में से 692 स्कोर किया था, जो नेशनल रिकार्ड था। 2025 में उत्तराखंड में भी सिल्वर मैडल जीता था।
