मेरठ, [जागरण स्‍पेशल]। National Sports Day 2019 रुस्तम-ए दारा सिंह कुश्ती हॉल। चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति इस हॉल से हर साल इंटरनेशनल खिलाड़ी निकलते हैं। न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा इस हॉल में आज लड़कियां कुश्ती का प्रशिक्षण ले रहीं हैं।

यहीं से अलका तोमर ने पाई सफलता
विवि के कुश्ती हॉल में सबसे पहले अजरुन अवार्डी अलका तोमर ने कुश्ती का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। उस समय कुश्ती हॉल में लड़कियों से अधिक लड़के लड़ते थे। अलका की सफलता के बाद लड़कियों के आने का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ कि आज तक नहीं रुका। आज विवि का हॉल छोटा पड़ गया है। 12 साल से 50 साल आयु तक के खिलाड़ी कुश्ती मैट पर सुबह से लेकर शाम तक पसीना बहा रहे हैं। 250 लड़के और लड़कियां यहां कुश्ती सीख रहे हैं। सुबह साढ़े पांच बजे से नौ बजे और शाम दो बजे से छह बजे तक हॉल में कुश्ती के दावपेंच सीखते हैं।

26 इंटरनेशनल खिलाड़ी
अलका तोमर के अलावा अभी तक कुश्ती हॉल से 26 मेरठी मल्ल यहां से निकलकर इंटरनेशनल स्पर्धाओं में देश का नाम रोशन कर चुके हैं। ओलंपिक को छोड़कर लगभग सभी विश्व स्तरीय मुकाबलों में मेडल जीतने वाले खिलाड़ी यहीं से निकले हैं। जिसकी लंबी फेहरिस्त है। प्रियंका सिंह, गार्गी यादव, रजनी, शीतल तोमर, पूजा तोमर, अर्चना तोमर, निशा तोमर, बिंदू तोमर, अनुराधा तोमर, दिव्या, इंदू चौधरी, अपूर्वा त्यागी, दिव्यांशी त्यागी, जैसमीन सोम, दीप्ति राजपूत, बबीता गुर्जर, कविता गोस्वामी, अंजू चौधरी जैसे मेरठी मल्ल कई इंटरनेशनल मुकाबलों में विदेशी पहलवानों को धूल चटा चुके हैं। इन 26 इंटरनेशनल पहलवानों में केवल तीन लड़के गुलाब साबिर, गौरव शर्मा, रणविजय तोमर शामिल हैं।

बढ़ गई कैटेगरी
ज्यादातर लड़कियां सुरक्षा और करियर के लिए अखाड़े में उतर रहीं हैं। अभी कुछ समय पहले विवि में राज्य कुश्ती प्रतियोगिता में प्रदेश में मेरठ की मल्ल सबसे आगे आई थीं। आज दस कैटेगरी में 33 किलो से लेकर 72 किलोग्राम में महिलाएं कुश्ती लड़ रहीं हैं।

हो रही एक कोशिश
कुश्ती के खेल में लड़कियों के बढ़ते क्रेज को देखते हुए अजरुन अवार्डी अलका तोमर एक एकेडमी खोलने की कोशिश में जुटी हैं, लेकिन अभी तक आश्वासन ही मिला है। कुश्ती के प्रशिक्षक डा. जबर सिंह सोम बताते हैं कि अगर मेरठ में एकेडमी खुल जाए तो महिला कुश्ती की दिशा बदल जाएगी।


दिखाया जाएगा पीएम का फिट इंडिया कार्यक्रम

खेल दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया कार्यक्रम को जिले के सभी स्कूलों के साथ ही कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में भी दिखाया जाएगा। स्कूलों को पहले ही सुबह 10 से 11 बजे तक कार्यक्रम को लाइव दिखाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसी तरह स्टेडियम में भी खिलाड़ियों और शहर के लोगों को कार्यक्रम दिखाने के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने सभी खिलाड़ियों के साथ ही शहर के लोगों को भी फिट इंडिया कार्यक्रम देखने के लिए आमंत्रित किया है।

क्रॉस कंट्री से होगी खेलों की शुरुआत
स्टेडियम में सुबह साढ़े छह बजे क्रॉस कंट्री आयोजित की जाएगी। इसमें सभी वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं। बालक-बालिका वर्ग में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। क्रॉस कंट्री के विजेताओं को दौड़ समाप्त होने के बाद ही पुरस्कृत कर दिया जाएगा। इसके बाद सुबह नौ बजे हॉकी प्रतियोगिता की शुरुआत होगी और करीब 10 बजे कबड्डी और बास्केटबाल की प्रतियोगिता शुरू होगी। इन खेलों के विजेताओं के लिए शाम पांच बजे स्टेडियम में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

ज्‍यादा खिलाड़ी मेरठ से ही होते थे
एक समय जिले की पहचान रही हॉकी की राष्ट्रीय टीम में आठ से ज्यादा खिलाड़ी मेरठ के हुआ करते थे। कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम से हॉकी का हॉस्टल जाने और एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड न मिलने के कारण हॉकी ने ढलान का दौर देखा। अब स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ बनने से जिले में हॉकी के लौटने की उम्मीद बढ़ने लगी है। निर्माणाधीन एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड अगले खेल दिवस के पहले ही बनकर तैयार हो जाएगा। उस दिन हॉकी की प्रतियोगिता एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड पर हो सकेंगी।

एथलेटिक्स के बहुरे दिन
जिले में एथलेटिक्स संघ के पुनर्गठन के बाद एथलेटिक्स खिलाड़ियों के साथ ही एथलेटिक्स खेल के दिन भी बहुरने लगे हैं। जिले में एथलेटिक्स की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी बढ़े हुए मनोबल के साथ खेलने उतर रहे हैं। इससे जिले के नाम अधिक से अधिक पदक भी आ रहे हैं। वर्तमान में भी लखनऊ में चल रही राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मेरठ की दो महिला एथलीट ने स्वर्ण व रजत पदक जीता है। इसी तरह जिला स्तर पर छोटे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें भविष्य के पदकवीर के तौर पर तैयार करने की कवायद चल रही है। इसी कार्यक्रम का हिस्सा संघ की ओर से स्कूल चलो अभियान भी है।

शूटिंग को आधुनिक रेंज मिलने की आस
जिले से कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के शूटर निकले, लेकिन यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद यह उम्मीद भी पूरी होती दिख रही है। स्टेडियम के शूटिंग रेंज को करीब पांच करोड़ रुपये में आधुनिक शूटिंग रेंज बनाने की कवायद परवान चढ़ने लगी है। शासन की हरी झंडी मिली तो इसी साल शूटिंग रेंज को विकसित करने का काम भी शुरू हो जाएगा।

स्कूलों में बढ़ीं खेलकूद गतिविधियां
यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आइसीएसई की ओर से स्कूलों में खेल एवं शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय के तौर पर लागू किए जाने से स्कूलों में खेल गतिविधियां बढ़ गई हैं।

विवि में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक
विश्वविद्यालय परिसर में खिलाड़ियों को इंटरनेशनल स्तर की सुविधाएं देने की कोशिश हो रही है। विवि अपने बजट से सिंथेटिक ट्रैक बनाने जा रहा है। इसके लिए बजट पास हो गया है। जल्द ही काम शुरू होगा। विवि का खेल विभाग खेलो इंडिया के तहत भी बजट लाने की कोशिश में जुटा है। 

Posted By: Prem Bhatt

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