मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। जावन गांव के पास नागिन नदी का पुल वर्षों से क्षतिग्रस्त है। यहां से दिन-रात वाहनों का आवागमन होता है। पुल की टूटी रेलिग हादसों को खुला निमंत्रण रही हैं। अनदेखी से कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। क्षेत्र के लोगों ने पुल के पुननर्निमाण की मांग करते आ रहे है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

फलावदा मार्ग पर गांव गालिबपुर-जावन के समीप बने नागिन नदी के पुल से फलावदा, मवाना, हस्तिनापुर, मेरठ समेत दर्जनों गांव जाने का रास्ता है। इस पुल से हल्के और भारी वाहनों का आवागमन दिन-रात रहता है। प्राइवेट बस, स्कूली वाहन और गन्ने से लदे वाहन इसकी पुल से निकलते हैं। नागिन नदी का यह पुल वर्षों पुराना है। बीते काफी समय से इस पुल की रेलिग इस कदर क्षतिग्रस्त हो चुकी है कि यहां से रात में तो क्या दिन में भी निकलने पर लोग डरते हैं। पर्यटन स्थल हस्तिनापुर, मवाना, फलावदा और मेरठ जाने वाले लोग बड़ी संख्या में इस पुल से निकलते हैं। विभागीय अनदेखी से किसी भी समय क्षतिग्रस्त पुल पर हादसा हो सकता है।

पुल के निर्माण पर नहीं दिया जा रहा ध्यान

क्षेत्रवासी सुनील, कबाड़ी सिंह, शिवकुमार, महताब, सुंदरपाल, राजकुमार, सुरेश आदि का कहना है कि सरकार ने क्षेत्र रजावहे और नदियों को निर्माण कराया है। व्यस्त फलावदा मार्ग पर नदी के पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। नदी के पुल से वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। उनके भैंसा-बुग्गी और ट्रैक्टर-ट्राली भी पुल से जाते हैं। पुल की टूटी रेलिग से हर समय भय बना रहता है कि कहीं वाहन नदी में न गिर जाए। ग्रामीणों ने पुल की मरम्मत कराने की मांग की हैं।

इनका कहना है...

फलावदा मार्ग पर जावन गांव के समीप नदी के जर्जर पुल का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इसको दिखवाया जाएगा। संबंधित विभाग से बातचीत कर पुल की मरम्मत करवाने का प्रयास किया जाएगा।

- जीत सिंह राय, एसडीएम खतौली 

Edited By: Taruna Tayal