मेरठ, जेएनएन। एक साथ तीन तलाक के विरुद्ध लोकसभा में गुरुवार को बिल पास हुआ। इस बिल का जहां कुछ लोगों ने स्वागत किया तो वहीं कुछ लोगों ने शरीयत में दखलंदाजी बताया। जानते हैं लोगों के विचार।
कुरान के विरुद्ध हैं तलाक बिल का विरोध करने वाले : परवीन
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय सह संयोजक शाहीन परवेज का कहना है कि महिलाएं तलाक-ए-बिद्दत के विरुद्ध कानून बनाने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। मुस्लिम महिलाएं आखिर कब तक इस दर्द को सहेंगी। इस कानून का जो भी विरोध कर रहे हैं वे सब इस्लाम और कुरान के विरुद्ध हैं। नबी की बेटियों को यह लोग अपने पैरों तले रौंदना चाहते हैं। कुरान पाक में कहीं भी तलाक-ए-बिद्दत का जिक्र नहीं है। मौलवियों ने मनगढ़ंत व्याख्या की है।
स्वागत है तीन तलाक के विरुद्ध बिल का : कौसर जहां
प्राथमिक विद्यालय फफूंडा नंबर एक की प्रधानाचार्या कौसर जहां ने कहा कि तीन तलाक के विरुद्ध लोकसभा में बिल पास हुआ है, इसका वह स्वागत करती हैं। एक छोटीसी बात महिलाओं की पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है। तलाक के बाद महिलाओं को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ना ङोलनी पड़ती है। सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के हित में यह अच्छा कदम उठाया है।
तीन तलाक बिल से महिलाओं की दुश्वारियां बढ़ेंगी : शहर काजी
शहर काजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन का कहना है कि तीन तलाक का बिल लोकसभा में पास करना सरकार की शरीयत में दखलअंदाजी की कोशिश है। इस बिल से मुस्लिम महिलाओं की दुश्वारियां ही बढ़ेंगी। यह बिल संविधान में अल्पसंख्यकों को दिए गए अधिकारों का हनन है।
इससे घरेलू जिंदगी बर्बाद होगी : शफीकुर्रहमान
ईदगाह स्थित शाही जामा मस्जिद के कारी शफीकुर्रहमान कासमी का कहना है कि तीन तलाक के विरुद्ध जो बिल है इससे मुसलमानों की घरेलू जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। आखिर भाजपा इसमें ज्यादा दिलचस्पी क्यों ले रही है।

Posted By: Ashu Singh

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