मेरठ, जेएनएन। एमपीएस मेन विग के लिपिक पर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि उसने छात्रों के अभिभावकों से फीस लेकर जमा नहीं की। इस संबंध में प्रबंधक एसएसपी से मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

मेरठ पब्लिक स्कूल (एमपीएस) के प्रबंध संचालक विक्रमजीत सिंह ने रिपोर्ट में कहा कि मेन विग में लिपिक श्रुतिधर त्रिपाठी निवासी सदर दाल मंडी ने बिना किसी को बताए आनलाइन और आफलाइन तरीके से फीस लेकर अपने और साथियों के खाते में जमा करा ली। शिकायत मिलने पर जब जांच कराई गई तो पता चला कि करीब 50 लाख रुपये का गबन किया गया है। उन्होंने गूगल पे, पेटीएम के जरिए सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के खाते में रुपये ट्रांसफर कराए हैं और फर्जी रसीदें भी दी। इसकी पुष्टि कई छात्रों के अभिभावकों ने की और रसीद भी दिखाई। जब लिपिक से पूछताछ की तो उसने धोखाधड़ी की बात स्वीकार की थी, लेकिन अब उसका कहीं पता नहीं चल रहा है। मुख्य आरोपित के साथ ही पारितोष त्रिपाठी और एक अज्ञात पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपितों की तलाश की जा रही है।

विवेचक तीन दिन की छुट्टी पर

एक ओर तो एसएसपी प्रभाकर चौधरी के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ, वहीं प्रभारी ने विवेचना ऐसे दारोगा को दी है, जो रविवार को तीन दिन की छुट्टी पर चले गए। ऐसे में जांच शुरू होने से पहले ही ठंडे बस्ते में चली गई। चर्चा है कि इसका लाभ आरोपितों को मिल सकता है। क्योंकि शिकायतकर्ता पहले ही यह आशंका जता चुके हैं कि आरोपित शहर से फरार हो सकते हैं। विवेचक के लौटने तक ऐसा संभव भी है। यह चूक चर्चा का विषय भी बनी हुई है।

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