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मेरठ की रितिका गोस्वामी ने सीए इंटर में रचा इतिहास, नेशनल टॉपर को भी पछाड़ा, 'समझने' को बताया सफलता का मंत्र

Published: Sun, 25 Oct 2026 05:12 PM (IST)

मेरठ की रितिका गोस्वामी ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में टॉप किया है। उन्होंने 'एडवांस्ड अकाउंटिंग' और 'कारपोरेट एंड ...और पढ़ें

माता-पिता व भाई-बहन के साथ रितिका गोस्वामी (बाएं से दूसरी)।सौ. स्वयं

माता-पिता व भाई-बहन के साथ रितिका गोस्वामी (बाएं से दूसरी)।सौ. स्वयं

HighLights

  1. रटने के बजाय समझने की रणनीति से मिली सफलता।

  2. दो कठिन विषयों में राष्ट्रीय टॉपर से अधिक अंक।

  3. नियमित रिवीजन और ऑनलाइन लेक्चर से की तैयारी।

जागरण संवाददाता, मेरठ। 'रटना नहीं, समझना ही सफलता की असली चाबी है'...इस मंत्र को सच साबित कर दिखाया है सीए इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले की टाॅपर रितिका गोस्वामी ने। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनने की राह में कठिन माने जाने वाले इंटरमीडिएट स्तर पर सफलता के लिए उन्होंने किताबी ज्ञान को रटने के बजाय अवधारणाओं (कान्सेप्ट) की गहराई में उतरना और नियमित रिवीजन को अपना हथियार बनाया।

रितिका की इसी रणनीति का परिणाम रहा कि उन्होंने 'एडवांस्ड अकाउंटिंग' और 'कारपोरेट एंड अदर लाज' जैसे क्लिष्ट विषयों में राष्ट्रीय टाॅपर (नील राजेश शाह) को भी पीछे छोड़ते हुए क्रमशः 90 और 72 अंक हासिल किए, जबकि राष्ट्रीय टाॅपर के अंक इन विषयों में 89 और 64 ही थे। 

रितिका ने 11वीं कक्षा से ही अकाउंट्स में रुचि विकसित कर ली थी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में ही शिक्षिका ने विषय के मूल सिद्धांतों को स्पष्ट कर दिया था। इससे आगे की पढ़ाई के दौरान जटिल अवधारणाओं को समझने में परेशानी नहीं हुई। सीए इंटरमीडिएट की तैयारी के दौरान उन्होंने फिजिक्स वाला (पीडब्ल्यू) के सीए नितिन गोयल के आनलाइन लेक्चर से पढ़ाई की। उनके वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से समझाए गए कान्सेप्ट और हैंडरिटन नोट्स ने तैयारी को आसान बनाया।

शार्ट नोट्स से आसान हुआ रिवीजन

रितिका ने बताया कि एडवांस्ड अकाउंटिंग में अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (एएस) को समझने और याद रखने के लिए व्यवस्थित नोट्स तैयार किए। इन नोट्स में महत्वपूर्ण बिंदुओं को संक्षिप्त रूप में लिखा, जिससे परीक्षा के नजदीक कम समय में अधिक पाठ्यक्रम दोहराना संभव हुआ। एक ही विषय का बार-बार रिवीजन करने से कान्सेप्ट की समझ मजबूत हुई और न्यूमेरिकल प्रश्नों को हल करने में भी आत्मविश्वास बढ़ा। कारपोरेट एंड अदर लाज की तैयारी के लिए उन्होंने सीए चैतन्य जैन के लेक्चर से मदद ली।

कानून के प्रविधानों को लंबे समय तक याद रखने के लिए मेमोरी ट्रिक्स और निमोनिक्स उपयोगी साबित हुए। बड़े-बड़े प्रविधानों को संक्षिप्त नोट्स में बदलने से परीक्षा के समय उन्हें तेजी से दोहराना और जरूरत पड़ने पर याद करना आसान रहा। इसी तरह कास्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग में भी रितिका ने 88 अंक हासिल किए।

उन्होंने बताया कि इस विषय में फार्मूले अलग से रटने के बजाय उनके पीछे की अवधारणा को समझने पर ध्यान दिया। जब यह स्पष्ट हो जाता है कि किसी फार्मूले का इस्तेमाल क्यों और कैसे किया जाता है, तो उसे याद रखना आसान हो जाता है।

सुबह आठ बजे से शुरू होती थी पढ़ाई

रितिका की दिनचर्या भी उनकी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। सुबह आठ बजे से शाम 6:30 बजे तक चारों विषयों के आनलाइन लेक्चर होते थे। शाम को भोजन के बाद रात आठ बजे से वह दिनभर पढ़ाए गए विषयों का रिवीजन करने के अलावा शिक्षकों की ओर से दिया गया होमवर्क पूरा करती थीं।

कभी-कभी लाइव लेक्चर में शामिल होने के बजाय वह रिकार्डेड लेक्चर देखती थीं, ताकि अपनी सुविधा के अनुसार कठिन विषयों को दोबारा समझ सकें। इससे पढ़ाई की गति बनाए रखने के साथ कमजोर बिंदुओं पर अतिरिक्त समय देना भी संभव हुआ।

सीबीएसई स्कूलों के छात्रों संग हुई तैयारी

रितिका ने रघुनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में कक्षा नौ से पढ़ाई शुरू की और अंग्रेजी माध्यम को चुना। कक्षा 11 में उनकी कोचिंग शिक्षिका सीबीएसई के विद्यार्थियों को पढ़ाती थीं। इससे उन्हें विषयों की बुनियादी समझ विकसित करने और आगे सीए की पढ़ाई के लिए आवश्यक आधार तैयार करने में मदद मिली। अब उनकी नजर सीए फाइनल पर है। दो वर्ष की आर्टिकलशिप पूरी करने के बाद छह महीने की तैयारी भी इसी तरह करेंगी। नवंबर 2029 में सीए फाइनल परीक्षा देने की योजना है।