कौन हैं महक भाटी जिन्होंने परेड में संभाली देश की नई सूर्यास्त मिसाइल के प्रदर्शन की कमान?
मेरठ की लेफ्टिनेंट महक भाटी ने गणतंत्र दिवस परेड में देश की नई सूर्यास्त मिसाइल के प्रदर्शन का नेतृत्व किया। ...और पढ़ें

गणतंत्र दिवस परेड में सूर्यास्त मिसाइल के प्रदर्शन का नेतृत्व करतीं महक। सौ. स्वयं
HighLights
गणतंत्र दिवस की परेड में मिसाइल के प्रदर्शन का कंटींजेंट कमांडर के रूप में किया नेतृत्व।
15 जनवरी को जयपुर में आयोजित आर्मी डे समारोह में भी इसी मिसाइल की थीं कमांडर
चाचा से प्रेरित होकर देशसेवा में उतरी मेरठ के राजनीतिक परिवार की बेटी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। बेटियों ने एक बार फिर से जनपद का मान बढ़ाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव भाटी की पुत्री और बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंदन चौहान की भतीजी लेफ्टिनेंट महक भाटी ने गणतंत्र दिवस की परेड में देश की नई सूर्यास्त मिसाइल के प्रदर्शन का कंटींजेंट कमांडर के रूप में नेतृत्व किया।
इस दौरान पूरे जोश के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सलामी दी। राजनीतिक परिवार की इस बेटी ने अपने चाचा से प्रेरित होकर देशसेवा के लिए सेना को चुना है। महक का छोटा भाई भी एनडीए में चयन के बाद पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है।

लेफ्टिनेंट पद पर कमीशन मिलने के दौरान माता-पिता के साथ महक भाटी। सौ.स्वजन
लेफ्टिनेंट महक भाटी आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात हैं। दो साल पहले वर्ष 2024 में ही उन्हें कमीशन मिला है। बेहतर प्रदर्शन के चलते उन्हें सेना को मिली नई मिसाइल सूर्यास्त के प्रदर्शन का नेतृत्व करने लिए चुना गया। महक ने सबसे पहले 15 जनवरी को जयपुर में आयोजित आर्मी डे समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और आर्मी चीफ की मौजूदगी में सूर्यास्त मिसाइल के प्रदर्शन का कंटींजेंट कमांडर के रूप में नेतृत्व किया। इस प्रदर्शन में उनकी टीम में तीन अन्य सैन्यकर्मी भी शामिल रहे।
चाचा ने सुनाए वीरता के किस्से
महक भाटी का पूरा परिवार राजनीतिक पृष्ठभूमि वाला है। उनकी दादी इंदिरा भाटी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं। इंदिरा भाटी प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री नारायण सिंह की पुत्री हैं। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें बिजनौर लोकसक्षा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया था। पिता गौरव भाटी वर्तमान में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हैं। गौरव भाटी के ममेरे भाई चंदन चौहान वर्तमान में रालोद और भाजपा गठबंधन से बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।
इस परिवार में गौरव भाटी के छोटे भाई महक के चाचा सौरभ भाटी आर्म्ड रेजीमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल से सेवानिवृत्त हैं। महक ने बताया कि चाचा ने ही उन्हें बचपन में भारतीय सेना और सैनिकों की वीरता के किस्से सुनाकर उन्हें प्रेरित किया। उसी प्रेरणा ने उन्हें सेना में पहुंचा दिया।
भाई शौर्य भाटी भी कर रहा एनडीए की ट्रेनिंग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष की दो संतान हैं। महक का छोटा भाई शौर्य भी अपनी बहन के पदचिह्न पर है। उसका एनडीए में चयन हो गया है। पिछले डेढ़ साल से वह पूना में ट्रेनिंग कर रहा है। जल्द शौर्य भी लेफ्टिनेंट बनकर निकलेगा। महक के पिता गौरव भाटी ने बताया कि उनका परिवार राजनीतिक है। सेना से दूर दूर तक रिश्ता नहीं था। छोटे भाई सौरभ ने सेना ज्वाइन की थी। अब वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
उनकी प्रेरणा से ही दोनों बच्चों ने सेना को चुना है। महक ने गणतंत्र दिवस की परेड का हिस्सा बनकर परिवार को गर्व करने का मौका दिया है।
मौका मिला तो देश के लिए करूंगी बड़ा काम
महक भाटी ने कक्षा चार से 12वीं तक की शिक्षा सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर से की। वर्ष 2019 में कक्षा 12 में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बाद लेडी श्रीराम कालेज दिल्ली से बीए आनर्स किया। 2023 में एसएसबी के माध्यम से सीडीएस में चयन हो गया। आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में एक साल की ट्रेनिंग के बाद वर्ष 2024 में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिला।
दो साल से वह आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात है। महक ने बताया कि देश के लिए कुछ बड़ा करना चाहती है। छोटे हथियारों के प्रशिक्षण के बाद अब उसे मिसाइल का अनुभव प्राप्त करने का मौका मिला है। परिवार ने इस निर्णय में हमेशा साथ दिया है।
